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Motivational Musings poetry

इंसान देख शेर…

आज एक इंसान को देख,
शेर घबरा गया।
बोला में सिर्फ
जंगल में राज़ करता हूँ,
सामने तो दुनिया पर
राज़ करने वाला आ रहा
उस इंसान को देख
शेर भी सीधा चलना सीख गया।
उस शेर ने अब,
बोलना छोड़ दिया।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Motivational Musings poetry

कुछ बदलता है

हर दिन, हर रात बदलते हैं,
वक्त बदलता है,
मौसम बदलता है,
हर साल के साथ,
हम भी बदल गए।
जैसे जैसे हम बड़े होते गए,
हमारी सोंच भी बदलते गए।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

किश्तें जिंदगी की

जिंदगी बहुत कीमती है, हर वक्त हर कोई बस जीने के लिए कार्य करता है। हर कोई बस इसी कोशिश में लगा रहता है कि वो अपने जीवन को और बेहतर कैसे कर सकता है। जैसा कि आप विषय में देख सकते हैं यहाँ पर कुछ किश्तों की बात की गई है।
यहाँ पर किश्तों से मतलब बैंकों की किश्त नहीं है बल्कि जिंदगी के किश्तों से है। यानी समय समय पर जो समस्याएँ आती है वो जिंदगी की किश्त ही तो है। जिसे हमें समय समय पर हल करनी यानी चुकानी पड़ती है। जिंदगी बिना समस्याओं की तो होती ही नही। हर समय कोई न कोई समस्या हमे घेरे रहती है। और जो इन समस्याओं को हल कर के वे सकारात्मक सोंच से समस्याओं को तोड़ देता है। वो ही सही मायने में जिंदगी की किश्त भर पाता है।
जो इन किश्तों को समय समय पर भर पता है बस वही सुखी रह पाता है। इसिलए बैंकों के किश्तों भरना न भरना आपकी मर्जी है। लेकिन किश्तों में जिंदगी गुजारना जरूरी है।
इसका मतलब ये नही की आप परेशानियों से घिरे रहे। इसका मतलब है अपने आप जो समस्याएँ आती हैं उसे हल करना है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

भावों की पकड़

दिन रात सोंचना,
भागदौड़ फिर सोंचना,
कभी खुश होना,
कभी रोना,
कभी कभी,
गुस्सा न बर्दाश्त होना,
चलना फिर रुक जाना,
सारे लक्षण हैं हमसे,
भावों की पकड़ का न होना।
भावों की पकड़ में इंसान,
बहोत शांत होता है।
भावनाओं में बहने से,
इंसान ही बह जाता है।
शांत से अशांत होजाना,
सारे लक्षण हैं हमसे,
भावों की पकड़ का न होना।

– मनीषा कुमारी

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Dairy Motivational poetry

सोशल मीडिया और प्रेम

सोशल मीडिया और प्रेम का तो पता नही,
लेकिन सोशल मीडिया से प्रेम ज़रूर देखा।
कभी रात भर जागे,
कभी दिन भर ताकते रहे इसे।
हर भाव में इसे निहारा,
कभी संग बहुत समय बिताया।
कभी नेट धीरे होने से,
पूरा दिन मन लगा के काम किया,
नही तो सिर्फ उसके प्यार में डूबा ही देखा।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

शान होती है …

मंजिल से भटकना भी,
शान होती है।
कभी रुक कर चलने में ही,
शान होती है।
कभी यूँ ही उलझ जाते हैं,
मंजिल की होड़ में।
थोड़ा भटक कर सम्भलने में,
शान होती है।

  – मनीषा कुमारी

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Motivational

Inspiring book for beginners

It is really a inspiring book which is very helpful for beginners who want to start business. In this book you will see variety of tips and tools of managing money.

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Motivational Musings

दर दर ऐसे भटके

दर दर ऐसे भटके हम
की हर रास्ते से पहचान हो गई।
जब चलते थे रास्ते पे,
हर रास्ते को इंतजार हो गई।
हर रास्ता रुकने को कहता था,
की जरा रुक कर यहीं ठहर जाओ।
कुछ देर ठहरते थे जिस रास्ते पर,
उन रास्तों से ऊबन हो गयी।
फिरसे चल पड़े रास्तों की खोज में,
फिर से शुरू हुई दर दर की ठोकरें।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

शुरुआत करूँ

चलो शुरुआत में ले चलूँ,
चलो शुरू की कोई बात कहूँ,
बात कोई नई कहूँ,
नई दिन और रात शुरू,
कोई नई शुरूआत करूँ,
न रोऊँ न आलास करूँ,
दिन की शुरुआत करूँ,
शुरुआत से शुरुआत की,
मंजिल की शुरूआत करूँ।

– मनीषा कुमारी

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This is my first post 

Hello, this is my first post and I joined it to improve my writing skills and become a good writer. I hope you all help me too.

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