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क्या मतलब था…

हम कहाँ तुम्हे कुछ कहने वाले थे,
कहाँ तुम्हारे लिए रोने वाले थे।
कहना था न तो हाँ न कहते,
हम कौनसा बुरा मानने वाले थे।
कौनसा हम तुम्हे डांटने वाले थे,
घमंड आज हर किसी मे मिल जाये।
तुममे कुछ अलग था, तो कुछ अलग दिखलाते,
यूँ गुमराह करने का क्या मतलब था,
यूँ बहाने बनाने का क्या मतलब था।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

यात्रा

मंजिल का आनंद तो,
चलता रहता है।
यात्रा का आनंद तो,
यादें बन जाता है।
एक पल हर पल तो,
वो बातें याद आती है।
यात्रा तो मंजिल को,
धुँधला करने से रोकती है।
और लोग कहते हैं,
यात्रा मंजिल से भटकाती है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

काश

काश सिर्फ सपने दिखाता है,
हकीकत तो खुद के हाथ में होती है।
फिर भी ये काश,
पूरा ज़माना दिखाता है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

काश ऐसा हो जाये

काश ऐसा हो जाये,
काश वैसा हो जाये,
इसी में उलझे सारे हैं।
यूँ सोंचले कोई,
की अभी हमे क्या करना है।
तो कई लोग सफलता के
पार निकल जाये।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

बदलना भी बदल गया

दुनिया के पीछे पीछे,
हम भी बदल गए।
इस तरह से बदलना,
तो बदलने को भी बुरा लगा।
हमे देख वो भी,
थोड़ा बदल गया।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

संभलना पड़ता है

कोन कब बदल जाये,
ये डर लग रहता है।
हर किसी के रंग बदलने पे,
संभलना पड़ता है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

एक आदत नही बदलती

दिन रात लोग बदलते हैं,
दिन बदलते हैं,
रात बदलते हैं।
जिंदगी बदलती है,
लेकिन एक आदत नही बदलती,
ये भरोसा करने की आदत।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

मेहनत की कियारी

मेहनत की कियारी में,
बहोत से फूल बोये हैं।
कुछ सूखे कुछ मुरझाए हैं,
कुछ तो जम के खिलखिलाए हैं।
तुम्हारे पत्थर फैक देने से,
गमले टूट सकते हैं,
मेरे बगीचे नही।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

इल्ज़ाम आलस पर

वजह वजह निकाल निकाल कर,
इल्ज़ाम लगाने लगे।
खुद की गलतियों को,
पराया बताने लगे।
खुद से बैठें हैं सुस्त,
इल्ज़ाम आलस का लगाने लगे।

– मनीषा कुमारी

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बुरे क्यों न लगे

कहतें है बुरे हो तुम
और बुरी है तुम्हारी बातें,
और क्यों न हों,
जब भला किसी का कर दिया,
तो बुरे क्यों न लगे।