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Motivational poetry

बदनाम हो गया….

वक्त नहीं है, वक्त नहीं है,
ये कह कह कर वक्त बदनाम हो गया।
कहते हैं, वक्त से अच्छा कोई शिक्षक नहीं
और लोग कह रहे,
वक्त तूने मुझे बर्बाद कर दिया।
सच में इंसान ने किसी को नहीं छोड़ा,
अब वक्त भी है इनके निशाने पे,
ये वक्त भी बदनाम हो गया।
लाख किस्म की जीवन शैली,
सब के पास है उतना ही वक्त।
उतने ही वक्त में,
कोई कमाल है कर जाता।
तो कोई उसी पल को कोसते कोसते
बर्बाद है कर जाता।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

Book review of “Trust”

Compiler – Deo prakash

Publisher – Humrooh publication house

Trust is an anthology which is based on trust of many co- authors. They all wrote there trust story, poems and incidents related to trust in that book.

You can find beginners and some very talented writers in this book. In some pages you are going to inspire with this book also.

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Musings poetry

तेरा एहसास ही काफी है….

Read my thoughts on YourQuote app at https://www.yourquote.in/manisha-kumari-uprk/quotes/teraa-ehsaas-hii-kaaphii-hai-teraa-ehsaas-hii-kaaphii-hai-ye-cldx5g

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Motivational Musings poetry

बोली के चाल ढाल….

बोली के चाल ढाल का,
पूरी दुनिया में खेल है।
जो न सीख पाया ये चाल,
वो इस दुनिया में फेल है।
कभी नजरें करती हैं जादू,
तो कभी लय का खेल है।
कभी आये प्रलये,
तो सोंच का खेल है।
जीने के लिए,
बस कुछ सलिकों का हेर फेर है।
वर्ना क्या ज़रूरत थी,
बोली विचारों की।
जानवर भी तो जीते हैं,
अपनी जिंदगी।


– मनीषा कुमारी

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Dairy Motivational poetry

दुपट्टा

दुपट्टे को क्या कहूँ,
ये तो है हथियार नया।
कभी बन जाता है, औज़ार मेरा
कभी श्रृंगार का सामान है,
कभी खुद की पहचान है,
कभी खुद का सम्मान है,
कभी खेलने की चीज़ नई,
कभी बढ़ता इससे,
आत्मसम्मान है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

कल तेरा रोशन होगा

सताओ न शब्दों को,
तलवों पर न दो ज़ोर इतना।
आ रहा जो बुरा विचार तुम्हे,
ओझल हो जाएँगे कुछ क्षण में।
नकारात्मकता के तूफान में,
शक्तिशाली मन मस्तिष्क बना ।
बुरे बंदिशों को तू हटा,
दर्दनाक हादसों को तू बेहला।
ओझल कर दे बुरे विचारों को,
कल तेरा रोशन होगा।
ओझल हो जाएँगे कुछ क्षण में,
नकारत्मकता के तूफान सारे।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

हार मिलती भी उसे है…

नकारात्मकता और सकारात्मकता की लड़ाई में
हर बार नकारात्मकता जीते ये जरूरी नहीं।
करते रहो संघर्ष विचारों संग,
हर बार हार मिले ये ज़रूरी नहीं।
हार मिलती भी उसे है जो जीतते हैं,
हारने वाले तो सिर्फ अनुभवों पर जीते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Dairy poetry

चाँद और तारे

तारा नाराज़ है चाँद से
और चाँद नाराज़ है तारे से
रोशनी दोनों की अपनी नहीं
फिर भी परेशान हैं एक दूसरे से।
चाँद और तारे दोनों
एक साथ होते पूरे।
जो दोनों साथ न होते तो
आसमान की खूबसूरती निचोड़े।

                    – मनीषा कुमारी

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Dairy Musings poetry

तुम अभी आए भी नहीं….

इंतज़ार करते करते
इंतजार फीका पड़ गया।
किसी को हमारा प्यार
तीखा पड़ गया।

तुम्हें खुश करते-करते
हम दुखी हो जाते हैं
तुम अभी आए भी नहीं
और हम तुम्हारे सपने सजाते हैं।

खुद को अच्छा करते करते
बुरे रास्ते पर चले जाते हैं
तुम अभी आए भी नहीं
हम तुम्हारा मिजाज़ सुधारना चाहते हैं।

तुम्हारी फिक्र करते करते
हम खुद को भूल जाते हैं
तुम अभी आए भी नहीं
की हम तुम्हें खुश करना चाहते हैं।

कोई नाराज़ है हमसे
हम उन्हें मनाना चाहते हैं,
तुम अभी आए भी नहीं
और हम तुम्हारी नाराजगी दूर करना चाहते हैं।

                – मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

यादें बचपन की

यादें बचपन की

डाँट, लाढ़ और दुलार
सब मिलता था,
नाना – नानी के घर जाने की,
अंदर से झिज्ञासा खूब होती थी।
मेले का नाम सुन,
नए खिलोने याद आते थे।
दादी नानी की कहानियों में
हर वक्त,
खोए रहने का जी करता था।
बारिश में नहाना,
झूला झूलना,
वो लकड़ी के खिलोने से खेलना
चेहरे पर करोड़ों की खुशी ला देता था।
खुदसे ही खेल बनाते थे,
जब खेल नहीं मिलते थे।
वो बचपन की यादों में,
मीठी सी मुस्कान आ जाती है।
दुसरे की खुशी में,
खुद की खुशी नज़र आती थी।
बोले से चेहरे के साथ
सारी दुनिया अच्छी लगती थी।

– मनीषा कुमारी