Categories
Motivational poetry

आदत है हमारी

आपको साथ लेकर चलना,
जिम्मेदारी है हमारी।
आपका साथ देना,
जिम्मेदारी है हमारी।
कोई क्यों पूछे,
मतलब साथ रहने का…
एक दूसरे का ख्याल रखना
आदत है हमारी।
आपको साथ लेकर चलना,
जिम्मेदारी है हमारी।
आपका साथ देना,
जिम्मेदारी है हमारी।
हर तरह के रास्तों पर,
गुन गुनाते हुए चलना
आदत है हमारी।
हर पल खुशियों को बुलाना,
आदत है हमारी।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational poetry

हिम्मत, होंसला, होशयारी…

हिम्मत, होंसला, होशियारी
सब फिरती हैं मारी मारी
बस कुछ क्षण की है देरी
दुर्बुद्धि करती है दुश्मनी
हिम्मत होंसला होशियारी
सबको मारती बारी – बारी
छोटी सी चिंगारी से
जलाती है पूरी बारी।
हिम्मत होंसला होशियारी
हैं एक दूसरे की साथी
जब साथ हैं आती
पूरा जीवन है संभाल लेती।

               – मनीषा कुमारी

Categories
Motivational poetry

कठिन है रास्ता मगर……

कठिन है रास्ता
मगर, हम ढूंढ ही लेंगे
जिंदगी के हर मोड़ को
आसानी से हम
मोड़ ही देंगे
अपनी सोंच से
अपनी दुनिया ही बदल देंगे।
एक दिन हम अपना ही
इतिहास रच देंगे
जीवन जीने को
हम नया रुख देंगे।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational Musings poetry

आदत है हमारी

आपको साथ लेकर चलना,
जिम्मेदारी है हमारी।
आपका साथ देना,
जिम्मेदारी है हमारी।
कोई क्यों पूछे,
मतलब साथ रहने का…
एक दूसरे का ख्याल रखना
आदत है हमारी।

– मनीषा कुमारी

Categories
Dairy Motivational poetry

परेशानियाँ नहीं थी वजह….

परेशानियाँ नहीं थी वजह,
लिखने की।
लेकिन श्रेय,
परेशानियों को देती रही।
ढूंढ – ढूंढ के परेशान होती रही,
परेशानियों को।
कला खुद में थी,
और भटकती रही,
दुख की गलियों में।
चार साल में अब समझी,
की भावनाएँ दिल का खिलौना है।
जब चाहे जैसे चाहे
भावों को डालो।
चाहो तो हर पल खुश रहलो
और चाहो तो,
हर वक्त दुख के सागर में डुबो।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational poetry

बादलों की रौनक

आँखों में सपने हज़ार लेकर,
चले हैं कई विचार लेकर।
रौनक है हर जगह बादलों की
हम चले हैं,
बादलों को साथ लेकर
रास्तों पर बिजलियाँ गिरा कर,
चले हैं हम,
रास्ते बनाकर।
बादलों की रौनक
साथ लेकर।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational poetry

कभी मुँह फेरते, कभी गले लगाते….

चार चीजें जिंदगी की
हर जीवन में है,
आती जाती
खुशी, गम, प्यार और नफरत।

खुशी और गम गुरु हैं,
जिंदगी के पाठशाला की
प्यार और नफरत
तो हैं सार जिंदगी की।

ज़्यादा हो जाये,
तो जिंदगी बुरी है।
मध्यम हो,
तो मीठी है जिंदगी।

बस ये चार शब्द
हर किसी को हैं घेरते,
कभी मुँह फेरते,
कभी गले  लगाते।

आते जाते हर रास्ते।
परीक्षा लेते हर तरह के
कभी मुश्किल में डालते
कभी आगे बढ़ाते।

दिखाते हैं हर रास्ते
बस ये चार शब्द
कभी मुँह फेरते
कभी गले लगाते।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational poetry

जीने की उम्मीद में…

जीने की उम्मीद में
जीते हैं सभी
सीखने के उम्मीद में
सीखते हैं सभी
फूल हर वक्त खिलता नहीं
कम भोजन से मुरझाते हैं सभी
जैसे बच्चा
कुछ देर खेलते ही थक है जाता
मनोदशा का भी
कुछ ऐसा है रिश्ता
जैसे बातों की गोद में
खेलता बच्चा।

– मनीषा कुमारी

Categories
Friendship Motivational Musings poetry

पूरी बात तक नहीं करते

बरसों का याराना,
यूँ ही तोड़ देते हैं लोग।
न इन्हें दर्द होता है,
न इन्हें फर्क पड़ता है
समय से बाँध देते हैं
सबंध को ये लोग
बंद हो जाते हैं इनके मुँह
पूरी बात तक नहीं करते,
लगता है, खत्म हुआ मतलब हमसे,प
इसलिए अब मुँह फेर लिया करते हैं।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational poetry

मोबाईल की खुशबू में…

दौर, ज़माना और बचपन
सब बीत गया
पतझड़ के मौसम में
उस पेड़ से हर एक पत्ता गिर गया…
उस तालाब के
हर किनारे सूख गए..
नब्बे के दशक का बचपन
कभी सुनेहरा,
कभी कुछ काला लिख गया।
मिट्टी की खुशबू में
मिलता फूलों से बचपन,
हँसते – खेलते,
रोते – चलते बीत गया।
मोबाईल की खुशबू में,
बचपन कहीं खो गया।

– मनीषा कुमारी