Categories
Motivational

सही वक्त का इंतजार

सही वक्त का इंतजार करते करते,
सब कुछ बीत गया।
इंतजार इंतजार रहा,
अब इंतजार भी बीत गया।
सब कुछ कल पर छोड़ दिया।
सही वक्त का इंतजार करते करते,
सब कुछ बीत गया।
इंतजार इंतजार रहा,
अब इंतजार भी बीत गया।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational Musings

कहता है मन

कहता है मन,
की कुछ नही सोचूंगा
लेकिन कुछ सोंचे बिना
रहता भी नही।
शुरू करता है पुरानी बातें
तो रुकता भी नही।
हर बार बेहजता है
भावनाओं की दरिया में,
और कहता है बहूँगा नही।
सोंचता है सबके लिए
और कहता किसी से मतलब क्या है।
फिर वही कहता है मन
की सोचूंगा नही।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational

मंजिल से मुलाकात

धीरे धीरे मिल रही,
मंजिलों के रास्ते।
अब लगता दूर नही,
ये मंजिल के रास्ते।
मेहनत अभी बाकी है,
अभी आगे जाना बाकी है।
दूर नही अब ये,
मंजिल से मुलाकातें।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational Musings

ख्याल तो बहोत है

ख्याल तो बहोत हैं मन मे,
बस उन्हें बुनना बाकी है।
ख्यालों के इस रास्ते मे,
बिखरे हुए बादलों में,
इस बिखरती रोशनी का,
साथ भी पाया है।
विचारों के झरनों में
खुद को तपाया भी है।
बस नदियों के रास्तों को
बनाते बनाते जाना है,
विचारों के सागर में
मिलते जाना है।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational Musings

क्यों न दोस्ती कर लें..

मन को डाँट के रखो,
तो और उलझ जाता है।
क्यों न दोस्ती कर लें,
मन और मैं।
साथ मिल कर्म करे,
साथ मिल घूमें,
साथ मिल पहोंचे,
मंजिल की डगर पर।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational

महत्व का पता

जिस तरह पौंधों के
दुनिया में धीरे से,
खत्म होने पर
उनकी महत्व का
पता चलता है।
वैसे ही कुछ लोगों के
नष्ट हो जाने के बाद,
उनका महत्व पता चलता है।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational

काम बचा है थोड़ा सा

काम बचा है थोड़ा सा,
जिस काम लिए में जागा था।
चलो अब थोड़ा रुक जाऊं,
जाऊं कहीं ठहर जाऊं।
लेकिन यहाँ अच्छा बहोत लगता है,
चलो कल करेंगे काम,
आज करलेते हैं आराम।

अरे! दूसरा दिन हो आया,
मेरा काम भी बढ़ गया।
अब इसे पूरा करने में,
दिन भर लग जायेगा।
काश कल ही करलिया होता,
फिर न आज ये रोना होता,
आज आराम का मौसम होता।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational

मन उपवन

मन उपवन में पुष्प खिला है,
खुशियों का ये रंगमंच मिला है।
सूरज की उन किरणों से,
पंखुरी पंखुरी खिल आयी है।
दुनिया देखो चमक उठी
अब सुबह हो आई है।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational

छोटू हिप्पो

#जिंदगी #जीवन #लोग #कविता #हिंदी #हिन्दीकविता #life #lifepoetry #poetry #poetrylover #poet #poems #hindi #Hindipoetry #writers #writersofinstagram #writersofindia

हिप्पो जो कि बहोत गुस्से और भारी वजन वाला होता है। जो कि पानी के मुकाबले ज़मीन पर धीरे चल पाता है साथ ही इन्हें गुस्सा बहोत जल्दी आता है। लेकिन ये वाला हिप्पो कुछ अलग था। इसे फुर्ती बहोत पसंद थी और दूसरों की मदद करना तो इसे बहोत पसंद था।
लेकिन भले ही इसे फुर्ती पसंद थी लेकिन इसके वजन के कारण छोटू हिप्पो कुछ खास फुर्ती दिखा नही पाता था। उनके हिप्पो झुंड के पास ही एक ज़ेबरा का झुंड रहता था। जो कि बहोत फुर्ती वाले होते हैं। चूंकि हिप्पो परिवार में सभी वजनदार होते हैं इसलिए कुछ जानवर उनका मज़ाक उड़ाते थे। इसलिए छोटू हिप्पो ने चुपके से ज़ेब्रा के बारे में जानना शुरु कर दिया जिससे वो जान सके उन लोगों के फुर्तीला होने का राज क्या है? तभी उसे पता लगा कि उनके फुर्तीले होने का कारण हमेशा भागने का अभ्यास करना है।
ये जानते ही छोटू हिप्पो जल्दी से अपनी मम्मी पापा के पास गया और उनसे हमेशा दौड़ने के अभ्यास के लिए आज्ञा मांगने गया। चूंकि हिप्पो परिवार काफी कडक़ स्वभाव के होते हैं। इसलिए उन्होंने उसे मना कर दिया। लेकिन छोटू हिप्पो ने हार नही मानी और चुपके से भागने का प्रयास करने लगा लेकिन इस करने पर उसकी सेहत बिगड़ गयी। इस बात का जब उसके माँ पापा को लगा तो उन्होंने उसे समझया की सबकी अपनी अपनी फिरती और ताकत होती है। और कई ताकत तो बड़े होने के साथ अपने आप बढ़ती है। हमारा बस मन साफ होने चाहिए। तभी थोड़ा मायूस जरूर हुआ लेकिन वो धीरे धीरे बड़े होते होते सब समझने लगा।
अब वो बड़ा और शक्तिशाली हिप्पो बन चुका था। एक दिन की बात है जब हिप्पो परिवार और बाकी हिप्पो पास के जलाशय में थे तब उनके साथ ज़ेबरा का झुंड भी था जो वहाँ पानी पीने आया था। तभी एक घटना घटी ज़ेबरा के सभी सदस्य पानी पी कर चले गए लेकिन एक ज़ेबरा रह गए। उसे अकेला पा के एक मगरमच्छ उसके करीब आने लगा इस बात का पता उसी तालाब में ठहरे हिप्पो को हो गया। उसे बचाने के लिए वही छोटू हिप्पो आगे बढ़ा और ये वही शरारती ज़ेबरा था जो हिप्पो का मजाक उड़ाता था। लेकिन इसके बारे सोंचे बिना उसने पानी मे जल्दी से भाग कर मगरमच्छ को उधार से भगा दिया और ज़ेबरा की जान बचा ली।
सच में, हमे इससे पता लगता है कि किसी के वजन या फुर्तीले होने या न होने से कोई फर्क नही पड़ता बस मन साफ होने चाहिए और हर किसी के बारे में अच्छा सोंच सके इतनी अच्छी सोच होनी चाहिए।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational

हिप्पो तुम हो अच्छे

तुम हो बहोत अच्छे,
गुस्से में लगते हो बच्चे,
सीधे साधे हो इसलिए,
लगते हो सच्चे।
दुनिया भले तुम्हे,
बदमाश कहे लेकिन
लगते हो तुम बहोत प्यारे,
हिप्पो तुम सच मे हो अच्छे।

– मनीषा कुमारी

#जिंदगी #जीवन #लोग #कविता #हिंदी #हिन्दीकविता #life #lifepoetry #poetry #poetrylover #poet #poems #hindi #Hindipoetry #writers #writersofinstagram #writersofindia