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Motivational Musings poetry

शाम आयी है

शाम आयी है,
ठंडक लाई है।
नई विचारों की,
गर्माहट लायी है।
सूरज के डूबते ही,
नए विचारों का सूरज उगा है।
शाम के ठंडक से,
शांति का न्योता आया है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

लहरों की चमक

लहरों की चमक,
लहरों में मिल जाती है।
लहराती हुई बात,
कहीं गुम हो जाती है।
नजरें धोखा दे देती हैं,
लेकिन वक्त नही।

– मनीषा कुमारी

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microtale Musings story

Queen of mahishmati (book 3)

Sivagami’s missteps have only deepened her determination to fulfil her father’s wish and stop the despicable activities at Gauriparvat. And so she battles on. Unknown to her, however, Maharaja Somadeva’s challengers have begun to close in on the king, and Sivagami finds herself suddenly at a disadvantage. With a player like Somadeva, though, the biggest mistake you can make is to not immediately checkmate and destroy. The game of chaturanga is not quite over.

As Sivagami takes on the kingdom’s enemies, guided by Somadeva, she finds in her own manoeuvres an echo of the man she has always detested. In her journey to becoming the queen of Mahishmathi, Sivagami must choose between love and ambition, principles and deviousness, selflessness and envy. What does she hold on to, what does she let go? A thrilling, breathless read, Queen of Mahishmathi is the third and final book in the Bāhubali: Before the Beginning series.

Author – Anand neelakantan

Publisher – westland

To buy this book click this link below https://www.amazon.in/gp/product/B08NJV7XV6/ref=as_li_tl?ie=UTF8&camp=3638&creative=24630&creativeASIN=B08NJV7XV6&linkCode=as2&tag=manisha0c2-21&linkId=cf559a9b3889456dd2910face2829217

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microtale Motivational story

Growing fresh air

What, what is happening why I am choking. Dr please tell. Your lungs capacity had dropped to 70 percent. In other words, the 4 to 6 l of air my lungs could take in had now settle down to just a little more than 3 to 4 liters, Dr said. Means my lungs capacity is decreasing and I know that every one facing this problem. This is all because of benzene which is toxic and highly flammable and it is spreading in Delhi day by day. Dr gives e two option first is leave this city and move to cleaner and greener place. Other one is, stay back in Delhi and fight. Very beautifully author tell the story of Delhi pollution and more over he also tell us about how we can make our surrounding air fresh. That’s why author give this book title “How to grow fresh air”.

Author – Kamal Meattle & Barun Aggarwal

Publisher – JUGGERNAUT BOOKS KS house

Price – 129₹

To know the story please read the book by clicking this link :- https://www.amazon.in/gp/product/9386228904/ref=as_li_tl?ie=UTF8&camp=3638&creative=24630&creativeASIN=9386228904&linkCode=as2&tag=manisha0c2-21&linkId=5bc543b75b197fa21814ac49bc696af6

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Motivational

हर कुछ काम आजाता है

हर कुछ काम आजाता है,
बस वक्त सही होना चाहिए।
टूटी घड़ी भी काम आजाती है,
बस वक्त सही होना चाहिए।
कुछ भी फिजूल होता नही,
बस इस्तेमाल सही होना चाहिए।
हर गली साफ मिलेगी,
बस ऐसी सोंच होनी चाहिए।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

बातों को जाने न दे

जाने न देना,
उन बातों को,
जिन्होंने तुम्हे संभाला है।
हर दिन हर पल,
तुम्हे खुद से मिलाया है।
खुद से मिलना,
मुश्किल है आजकल।
सपना तो दिखावा है,
जाने न देना उन बातों को,
जिन्होंने तुम्हे संभाला है।

मनीषा कुमारी

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Friendship Musings

तू है शाम मेरी

तू है शाम मेरी,
तू है रात मेरी,
तू जग का सूरज,
तू चाँद मेरी।
तू है बारिश की बूँद नई,
तू कोहरे की पेहली चादर है,
तू ओस की हल्की बूँदे है,
तू मीठा एहसास है,
तू पौधों में खास है।
ये फूलों की बात है,
ये उससे भी खास है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

रोज़ नई खुशियाँ मना लो….

लगे हैं सब ढूढ़ने,
कुछ खुशमिजाजी लोगों को,
यूँ ढूंढ़ते ढूंढ़ते मिले कुछ लोग।
थे उसमे कुछ अच्छे भी,
तो कुछ थे अलग मिज़ाजी भी।
कुछ करते थे बुराई सबकी,
कुछ थे पसंद सबकी।
ये अलग सलीके के खुशमिजाजी,
कुछ को भाते कुछ को नही।
फिर भी लोग ढूंढ रहे,
कुछ खुशमिजाजी लोगों को।
यूँ ढूंढते ढूंढते तुम तंग आजाओगे,
क्यों न खुद ही छोटी छोटी खुशियों का,
एक घर बना लो।
रोज़ कोई त्योहार हो,
रोज़ नई खुशियाँ मना लो।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

कभी कभी…

कभी कभी पागलों की तरह,
हँसते रहना भी अच्छा है।
कभी कभी दुख में,
खुश होना भी अच्छा है।
कभी कभी खुशी में भी,
और खुश होना अच्छा है।
कभी कभी दुनिया को भूल कर,
हँसते रहना अच्छा है।
कभी कभी खुद भुला कर,
हँसते रहना अच्छा है।
कभी कभी सिर्फ,
हँसते रहना भी अच्छा है।
दुनिया में दुख के सिवा,
फालतू का हँसना रखा है।
ज़रा ध्यान से देखो दुनिया को,
दुनिया में सिर्फ हँसना रखा है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

हृदय की गति

हृदय की गति गीत गाती है,
देखो क्या ये हमे सुनाती है।
ताज़ी हवा की ताज़गी देखो,
नए पत्तों के अरमान देखो।
दिन भर मैं चलते जाऊँ,
तुम भी अपना कार्य देखो।
कार्य संग कसरत देखो,
वक्त के संग चलते जाओ।

– मनीषा कुमारी