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Motivational Musings

रूठना मनाना

रूठना, मनाने का रिश्ता है जग से,
मनाते मनाते तो थक गए।
अब रूठना मनाना ही जरिया है,
अब हमें मंजिल तक जाना है।

– मनीषा कुमारी

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Musings

सफर जारी है तुमसे ही..

जिंदगी की शुरुआत तुमने की थी,
जिंदगी से हारे  तुम थे।
हम यूँ ही आ गए थे,
हमे जिंदगी में लाये तुम थे।
सही कहा है कि,
दिल की बात क्या कहूँ,
कि शुरुआत तुमसे की थी,
और सफर भी जारी है तुमसे।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

क्या हँसना क्या रोना है

क्या हँसना क्या रोना है,
जिंदगी एक कहानी है।
जो होना है,
सो तो होना है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

शब्दों की गहराई

शब्दों की गहराइयों को,
शब्द नही समझ पाते।
दिल की बातों को,
दिल ही समझ नही पाते।
आये थे किसी का ख्याल पूछने,
वो तो ना समझ निकले।
शब्दों के समुन्द्र को गहरा देख कर,
उसमे डूबने से घबरा गए।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

मोह के बादल

सच है कि मोह,
अच्छे अच्छों को डूबा देता है।
मोह के बादल हटते ही,
सब कुछ साफ दिखाई देता है।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Musings

तू है शाम मेरी

तू है शाम मेरी,
तू है रात मेरी,
तू जग का सूरज,
तू चाँद मेरी।
तू है बारिश की बूँद नई,
तू कोहरे की पेहली चादर है,
तू ओस की हल्की बूँदे है,
तू मीठा एहसास है,
तू पौधों में खास है।
ये फूलों की बात है,
ये उससे भी खास है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

रोज़ नई खुशियाँ मना लो….

लगे हैं सब ढूढ़ने,
कुछ खुशमिजाजी लोगों को,
यूँ ढूंढ़ते ढूंढ़ते मिले कुछ लोग।
थे उसमे कुछ अच्छे भी,
तो कुछ थे अलग मिज़ाजी भी।
कुछ करते थे बुराई सबकी,
कुछ थे पसंद सबकी।
ये अलग सलीके के खुशमिजाजी,
कुछ को भाते कुछ को नही।
फिर भी लोग ढूंढ रहे,
कुछ खुशमिजाजी लोगों को।
यूँ ढूंढते ढूंढते तुम तंग आजाओगे,
क्यों न खुद ही छोटी छोटी खुशियों का,
एक घर बना लो।
रोज़ कोई त्योहार हो,
रोज़ नई खुशियाँ मना लो।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

किताबों का खज़ाना

खज़ाना मिला नही अब तक,
यूँ तुमसे दूर बैठे हैं।
यूँ किताबों का खज़ाना,
मिल जाये एक दिन।
ज़माने भर की ख्वाईशों को,
हम भूल बैठेंगे।
खज़ाना मिला नही अब तक
यूँ तुमसे दूर बैठे हैं…
मिल जाओगे कभी जिंदगी में हमे,
खुशी से हम तुम्हारा स्वागत करेंगे।
मिल जाए अगर साथ तुम्हारा,
तो शब्दों के खज़ाने के, धनी हम होंगे।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

कभी कभी…

कभी कभी पागलों की तरह,
हँसते रहना भी अच्छा है।
कभी कभी दुख में,
खुश होना भी अच्छा है।
कभी कभी खुशी में भी,
और खुश होना अच्छा है।
कभी कभी दुनिया को भूल कर,
हँसते रहना अच्छा है।
कभी कभी खुद भुला कर,
हँसते रहना अच्छा है।
कभी कभी सिर्फ,
हँसते रहना भी अच्छा है।
दुनिया में दुख के सिवा,
फालतू का हँसना रखा है।
ज़रा ध्यान से देखो दुनिया को,
दुनिया में सिर्फ हँसना रखा है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

दूसरों को गंदा बताएँ हैं…

खुद कीचड़ में डूबें हैं,
दूसरों को गंदा बताएँ हैं।
खुद की गंदगी दिखे नही,
दूसरों की गलती उछाले हैं।
दूसरों का शोर शोर है,
अपना शोर बातें हैं।
दूसरों का नुकसान नुकसान है,
अपना नुकसान बुरा है।
दुनिया तो है ही गोल,
हैं गोल इनकी बातें भी।
खुद कीचड़ में डूबे हैं,
दूसरों को गंदा बताएँ हैं।