Tag: Musings

  • Mr. Perfect

    Very less people in our society who is like Mr. Perfect. The man who always want perfection in every thing even if he want to clean his nose he see the perfection on it. In other words I say that he is very serious person in his area that’s why their surrounding people also said […]

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  • What I learnt in my marriage life…

    When a girl married they have many changes and trouble in their life like how to manage marriage life. Not everyone handle the situation. During these days I learnt many things and want to share….. Change yourselfNot try to change others first change your self. It makes others to by themselves.Stop doubting othersThis habit makes […]

  • अपना क्या नुकसान है…

    स्वभाव और व्यवहार का आपस में पुराना संबंध है। अगर हमारा स्वभाव अच्छा होगा तो व्यवहार भी अपने आप अच्छा होगा। स्वभाव को अच्छा रखने के लिए हमारी धनात्मक सोंच होना अव्यशयक है। धनात्मक सोंच रखने से इंसान अपनी जिंदगी में जो भी कार्य करता है उसे वे सफलता पूर्वक और बिल्कुल सही ढंग से […]

  • Book review of ‘Rework’

    Author – Jason fried and Devid heinemeier Hansson The book “Rework” is one of the business books. This book good for beginners who want know about basics of business. This book works on strategy of “you need less than you think.” It means What you really need to do is stop talking and start working. […]

  • तेरा एहसास ही काफी है….

    Read my thoughts on YourQuote app at https://www.yourquote.in/manisha-kumari-uprk/quotes/teraa-ehsaas-hii-kaaphii-hai-teraa-ehsaas-hii-kaaphii-hai-ye-cldx5g

  • वक्त बहुत अच्छा मरहम है…..

  • बोली के चाल ढाल….

    बोली के चाल ढाल का,पूरी दुनिया में खेल है।जो न सीख पाया ये चाल,वो इस दुनिया में फेल है।कभी नजरें करती हैं जादू,तो कभी लय का खेल है।कभी आये प्रलये,तो सोंच का खेल है।जीने के लिए,बस कुछ सलिकों का हेर फेर है।वर्ना क्या ज़रूरत थी,बोली विचारों की।जानवर भी तो जीते हैं,अपनी जिंदगी। – मनीषा कुमारी

  • दुपट्टा

    दुपट्टे को क्या कहूँ,ये तो है हथियार नया।कभी बन जाता है, औज़ार मेराकभी श्रृंगार का सामान है,कभी खुद की पहचान है,कभी खुद का सम्मान है,कभी खेलने की चीज़ नई,कभी बढ़ता इससे,आत्मसम्मान है। – मनीषा कुमारी

  • कल तेरा रोशन होगा

    सताओ न शब्दों को,तलवों पर न दो ज़ोर इतना।आ रहा जो बुरा विचार तुम्हे,ओझल हो जाएँगे कुछ क्षण में।नकारात्मकता के तूफान में,शक्तिशाली मन मस्तिष्क बना ।बुरे बंदिशों को तू हटा,दर्दनाक हादसों को तू बेहला।ओझल कर दे बुरे विचारों को,कल तेरा रोशन होगा।ओझल हो जाएँगे कुछ क्षण में,नकारत्मकता के तूफान सारे। – मनीषा कुमारी

  • हार मिलती भी उसे है…

    नकारात्मकता और सकारात्मकता की लड़ाई मेंहर बार नकारात्मकता जीते ये जरूरी नहीं।करते रहो संघर्ष विचारों संग,हर बार हार मिले ये ज़रूरी नहीं।हार मिलती भी उसे है जो जीतते हैं,हारने वाले तो सिर्फ अनुभवों पर जीते हैं। – मनीषा कुमारी