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Review of ” The 7 keys to success”

Author – Will Edwards

Publisher – White Dove Books

E-book

To live a truly successful life, you do need to first have a dream and commit yourself to achievement then whole world start helping you to achieve your goal. Author explained this book very beautifully by decorating with stories which is based on real people like Footballer Rudy ruettiger, Joe etc. Author want say that after uplifting experience when you find out your dream by yourself then the universe does help you indeed to achieve your goal.

So, find yourself first because god send everybody in earth for any purpose. That’s why by the time author also realise that his inner hopes, dreams and deepest desires as being implanted by god then after that he started writing these type of books. So be positive and open minded to achieve your goal and you will also become one day successful person or businessman.

“To get greater benefits in future, you need to change what you are doing in the present in order to produce them”.

– Will Edwards

Faith is also a key of success. You have to use this key by having faith in something like you or in god. When you believe in yourself and in god then you have support of yourself and god. After that whenever you lose your hope somebody is with you for help. This truly a good book that’s why read it and also start follow this book. This book have specialty of stories of successful person which is much powerful then any other successful talk.

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Formula for becoming wealthy or successful person

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Most of the people in the world want wealthy in their life and want to become rich overnight. The people who want to become rich they do hard work or taking short cuts in life to become become rich. But becoming rich is not so easy. I read one book about this whose author author is will Edwards and his book name is ” Napoleon Hill’s Awesome Secret”. In his book he mostly talk about Napoleon Hill’s book “Think and grow rich”. Many people knows very well about this book also some of them read this book too.


In the book of “Napoleon Hill’s Awesome Secret” Will Edward written about Napoleon Hill’s thought and ideas. In Will Edwards book Napoleon hill said some major points to become rich. That points are, those people who want to become rich have their specific aim or chief aim, you have a confidence on yourself, you have to believe on yourself, accept all the situation, plan your success path, you gave to leave your negative attitude, habit of saving, become an effective leader, power of imagination, self control, you need to be specific about the amount, investment is also important for that and think big. But most of the people become greedy about wealth. If you want to success in life or you want to wealthy the process is same. If you want to become greedy then grow your greed in your work not for money. We all know that money is important for surviving now days but focus on your work, do some hard work and continuously repeat it and one day you will definitely become wealthy.


Think big do big and stay in a motion on your dream and do atleast one step of your dream or work daily. First thing is to believe in yourself and also believe in god that you can succeed.

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Book review of ” विद्यर्थियों के लिए एकाग्रता का रहस्य”

लेखक – स्वामी पुरुषोत्तमाननंद

 प्रकाशक – स्वामी ब्रह्नस्थानन्द                अध्यक्ष, रामकृष्ण मठ               

रामकृष्ण आश्रम मार्ग, धंतोली,                  नागपुर – 440012                 rkmathnagpur.org

E- book

एकाग्रता सबके लिए जरूरी है चाहे वो इंसान जो भी कम करता हो या विद्यार्थी ही क्यों न हो। एकाग्रता भंग होते ही कोई दुर्घटना हो सकती है। अक्सर हमने लोगों की यह भी कहते सुना होगा कि नजर हटी दुर्घटना घटी। यानी एकाग्रता के भंग होते ही वे किसी दुर्घटना का रूप ले सकता है या तो कोई छोटी – मोटी समस्या उत्पन्न हो सकती है। एकाग्रता को कहीं से सीखना की जरूरत नही होती, एकाग्रता का विकास कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना स्यम से करते रहने से हो जाता है। 


खुद को एकाग्र करने के लिए जरूरी है, अपने मन की सयमित रखना। कोई भी कार्य करने से पहले अपने मन को सयमित करके उस कार्य को सावधानी पूर्वक करने से ही कोई काम अच्छे से किया जा सकता है। किसी भी कार्य को अगर ध्यान के साथ निरंतर किया जाए तो ही अपने मन मस्तिष्क को जल्द ही एकाग्र किया जा सकता है। इस पुस्तक में अर्जुन द्वारा श्री कृष्ण जी से एकाग्रता पर पूछे गए प्रश्न का उतर श्री कृष्ण जी फवारा किस प्रकार दिया गया है इसका उल्लेख किया गया है साथ ही अन्य विद्वानों की भी चर्चा की गई है। लेखक ने मन की चंचल प्रवृत्ति और उसे काबू में कैसे किया जाए इसकी चर्चा की गई है। स्वामी पुरुषोत्तमाननंद जी ने अपनी इस पुस्तक में विद्यार्थी किस प्रकार अपने मन को एकाग्रचित करके आगे बढ़ सकते है इसका उल्लेख किया है साथ ही उन्होंने इसका कारण भी बताया है कि किसी विद्यार्थी में एकाग्रता का भाव क्यों नही होता है।

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Review of the ” पर्सनेलिटी डेवलोपमेंट कोर्स”

लेखक – सी. एम. श्रीवास्तव

प्रकाशक – मनोज पब्लिकेशनस, 761, मेन रोड, बुराड़ी, दिल्ली – 110084

ईमेल -info@manojpublications.com

वेबसाइट – http://www.manojpublications.com

मुल्य – 80 ₹


सी. एम. श्रीवास्तव जी ने इस पुस्तक में किसी व्यक्ति के व्येक्तित्व को विकसित करने के कई उपाए बताये है। व्येक्तित्व के विकास के लिए जो ज़रूरी तत्व होते है उसके आधार पर लेखक ने अध्यायों को बांटा है। आज कल तो व्यक्तित्व का विकास करना बहुत जरूरी हो गया है। अपने व्येक्तित्व का विकास करके हम अपने अंदर के कमियों को दूर कर सकते है। व्येक्तित्व के विकास के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है बातचीत का सलीका होना। साक्षात्कार देते समय भी सही तरह से बातचीत करके वे आत्मविश्वाश से साक्षात्कार को जिता जा सकता है। इस किताब को पढ़ने से पहले मुझमे भी कई कमियां थी जैसे आत्मविश्वाश की कमी होना आदि। इस किताब को पढ़ने के बाद मुझमे काफी बदलाव भी आये है। पहले मैं काम बोलती थी वैसे तो आज भी मुझे बोलना पसंद नही है लेकिन इस किताब को पढ़ने के बाद इतना तो किताब का असर हुआ ही कि मै अब बोलने  में इतना हिचकिचाती नही और मेरे अंदर भी बहोत गए है कि अब किसी चीज़ से इतना डरती नही। मेरे जैसे कई लोगों को देख है मेने जो अपनी बात किसी से कहने में हिचकिचाते है। अधिकतर लोग बातचीत करने में असफल है क्योंकि उन लोगों को बातचीत करने का सलीका नही पता होता है। किस मोके पर कोनसी बात कहना उचित है और कोनसी अनुचित है, इस बात का उन्हें ज्ञान नही होता एहि नही कुछ लोगों को तो बात करने की शुरुआत ही नही करनी अति। दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग होते है जो एक बार बोलना शुरू करते है तो बोलना बंद ही नही करते और दूसरों की सुनने पर कम से कम ध्यान देते हैं। ऐसे लोग जब बोलना प्राम्भ करते है, तो दूसरे लोग उनकी बातों पर धीरे – धीरे कम ध्यान देने लगते है। 
व्येक्तित्व के विकास के लिए हमे हर किसी की बातचीत को ध्यान से सुने। बातचीत करते समय अपनी बात के साथ दूसरों को भी बात करने का मौका दें, सामने वाले कि भी सुने। बातचीत करते समय अगर किसी ने अच्छी बात कही है तो उसकी तारीफ भी करनी चाहिए साथ ही किसी की बात के बीच मे बाधा न डालें। 
इस पुस्तक की मदद से आप अपनी कई आदतों वे कई प्रकार की कमियों को दूर किया जा सकता है। अच्छे गुण सबमें होते बस जरूरत होती है उसे जानने की ओर अपने अंदर विकसित करने की। इस पुस्तक में लेखक ने अपने क्रोध को कैसे काबू में रखे इस बारे में भी बताया है। इस पुस्तक की मदद से आप अपने व्येक्तित्व मे सुधार करके अपने को सफलता की ओर बढ़ा सकते है।

 

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विश्वास

विश्वास एक ऐसी चीज़ है जो हमारे स्वभाव को जल्दी परिवर्तित कर सकती है। यह पूरी दुनिया विश्वास पर टिकी हुई है। अगर हमे किसी पर विश्वास नही है तो हम कभी – भी आगे नही बढ़ सकते। किसी पर विश्वास न होना हमारे स्वभाव को इतना चिरचिरा कर देता है कि वे अपना मानसिक संतुलन भी खो सकता है। कुछ परिस्थितियां ऐसी होती है जिसमे वह व्यक्ति तो दूसरों पर विश्वास करता है परंतु उसके साथ लोग इतना धोखदारी करते हैं कि उसका विश्वास दूसरों पर से बिल्कुल उठ चुका होता है। ऐसे लोंगों कुछ लोगों के परिजन भी होते है। जिससे कई लड़ाइया, मौतें होती हैं। वे सोचते हैं कि मैने अगर ऐसा नही किया तो वे उस चीज़ को तबाह कर देंगे इसलिए वे उस चीज को बचाने के लिए पहले से ही त्यारी करने लग जाते हैं जिससे उनके स्वभाव में चिरचिरेपन आ जाता है। चिचिरेपन के कारण उस व्यक्ति को कोई पसंद भी नही करता। 
स्वभाव में चिरचिराहट और किसी पर शंका करने मात्र से ही हमे कई तरह के मानसिक परिशनियाँ आती हैं जो हमे पूरी तरह से मानसिक रूप से बीमार कर सकता है। विश्वास न होने पर हमारे अंदर शक की भावना बेठ जाती है। हम हर किसी पर शक करने लगते है भले ही जो हम सोंच रहे हैं वैसा हो या न हो। हमे अपने मन में शक की भावना को नही पालना चाहिए हमे हमेशा, भले ही हम दूसरों पर भरोसा न करे लेकिन हमें आत्मविश्वाश होना चाहिए। जब हम खुद पर विश्वास करते हैं तभी हम हमारे लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
खुद पर विश्वास और लक्ष्य के प्रति संघर्ष करने का जज्बा हो तो हम कुछ भी कर सकते है। कई लोग जो दुनिया मे अकेले रहते है जिनका कोई नही है और जिसके पास कुछ भी नही है वे लोग भी सिर्फ विश्वास के दम पर ही आगे बढ़ते है। आत्मविश्वास पर चल कर आगे बढ़ने वाले कई महापुरुष रह चुके है। जो सिर्फ अपने ऊपर विश्वास रख कर और कड़ी मेहनत करके अपनी मंजिल को पाया है। यह बात हमे हमेशा याद रखनी चाहिए कि अगर सब कुछ कर सकते हैं तो हम सबकुछ कर सकते है। अगर हम सब कुछ सोंच सकते हैं तो हम सब कुछ करने की ताकत रखते हैं। एक तरह से हम आत्मविश्वास को सफलता की कुंजी कह सकते हैं।
कुछ लोगों में आत्मविश्वास बिल्कुल नही होता ऐसे लोग कभी – कभी खुदखुशी करने के बारे में भी सोंच लेते हैं जो कि एक गलत रास्ता है। वैसे तो खुदखुशी के बारे में हर एक इनसान अपनी जिंदगी में सोंच ही होगा चाहे वो आज कितनी ही ऊंचाइयों को छू रहा हो। लेकिन समय पे खुद को संभाल लेना भी एक कला है। इसलिए खुद पर विश्वास रखिए और आगे बढ़ने की कोशिश करिये। अपनी पसंद को अपनी पहचान बना कर देखो तुम्हे तुम्हारी मंजिल जरूर मिलेगी। यानी जो भी काम तुम्हे पसंद हो उसमे पूरी लगन से जुट जाओ और उसी में आगे बढ़ो। जब भी हम अपने पसंद का काम करते है तो हमे खुशी मिलती है । इससे लक्ष्य प्राप्ति आसान होगी और काम करने में खुशी भी मिलेगी लेकिन इससे पहले हमें दूसरों पर विश्वास न करके खुद पर विश्वाश करना होगा। क्यूँकि ज्यादातर लोग जो दूसरों पर भरोसा रखते है अंत मे पछताते है इसलिए एक तू खुद पर विश्वास रखना चाहिए और दूसरा भगवान पर विश्वास रखने चाहिए।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

Stray animals are also have their life

In every place and in every street we see animals and we also see that they are in a poor condition. Their is a reason behind this poor condition and these are lack of food, lack of home and also because of some people throw stones or beat the stray animals without any reason. Some of them throw stones on animals because of fear also but truth is that some animals are scared of human beings too.

People have to understand that animals are also living thing and they have their own life as well. So, don’t hurt stray animals because they have a family too. Government started organization whose name is “people for animal” which is started for animals. This organization was started by maneks gandhi on 1992. This organization help those poor animals.

I just want to say that don’t teas stray animals, don’t scare after seeing wild stray animals; in this situation just walk away from that place instead of throwing stones on them and one last thing I want to say that if you want to have a pet then take it from a street and if you are not able to feed or care that animal then don’t pet any animals. If you give you care and respect to animals then they also give care and respect to you.

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Motivational poetry

समय की डोर….

बीतता जाता है समय,
निकलती जाता है समय।
लेकिन जिंदगी भी तो थमती नही,
वक्त निकलता जाता है।
वक्त कभी थमता नही,
बीतता जाता है समय।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

मज़ाक बनाने वालों

जिनकी खुद की जिंदगी का कुछ पता नही,
वे हमें जिंदगी जीना सीखा रहे ।
जो खुद न बोल पाते एक शब्द सही से ,
वो हमे बोलना सीखा रहे।
दूसरों का मज़ाक उड़ाने वालों ,
तुम खुद एक मज़ाक ही हो।

– मनीषा कुमारी

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वो तो एक उजाला है

वो तो एक उजाला है,
नदियों की बहती धारा है,
कभी तेज कभी मंद है।
चिड़ियों की चह – चहाट है,
वो झरने का पानी है,
पेड़ो की हरियाली है ,
कभी सुखी कभी निराली है।
समुन्द्र की गहराई है ,
आसमान की ऊंचाई है,
शक्तियों का उजला है वो ,
ईश्वर के समान है,
वो तो एक अदभुत कला है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

जिंदगी

शायर हम नही ,

यह जिंदगी बनाती है ।

कवियों को कवि ,

यह हालात बनाती है।

तकदीर बदलती मुसीबतें,

यह सांप सीढ़ी का खेल है।

जाने अनजाने में ,

खेल जाती कई दाव है।

क्या कहे सुख दुख को

यही जिंदगी कहलाती है।

– मनीषा कुमारी