Categories
Friendship Motivational Musings poetry

पूरी बात तक नहीं करते

बरसों का याराना,
यूँ ही तोड़ देते हैं लोग।
न इन्हें दर्द होता है,
न इन्हें फर्क पड़ता है
समय से बाँध देते हैं
सबंध को ये लोग
बंद हो जाते हैं इनके मुँह
पूरी बात तक नहीं करते,
लगता है, खत्म हुआ मतलब हमसे,प
इसलिए अब मुँह फेर लिया करते हैं।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational

What is WLD?

WLD full form is world literacy day. The day of spreading importance of literacy in whole world it was declared on 26 Oct. 1966 at the 14th session of UNESCO’s general confrence also it was declared by UNESCO. But first time WLD celebrated on 1967. This day have a motive to spread education to every individuals, communities and societies. This day celebrated in most of the countries.


World have millions of population but in every country one in five adults are still not literate and two third of them are women. 60.7million children never seen school because of poverty and other financial imbalance. After all some children are irregular in school or drop out before completing their education.

Categories
Motivational poetry

मोबाईल की खुशबू में…

दौर, ज़माना और बचपन
सब बीत गया
पतझड़ के मौसम में
उस पेड़ से हर एक पत्ता गिर गया…
उस तालाब के
हर किनारे सूख गए..
नब्बे के दशक का बचपन
कभी सुनेहरा,
कभी कुछ काला लिख गया।
मिट्टी की खुशबू में
मिलता फूलों से बचपन,
हँसते – खेलते,
रोते – चलते बीत गया।
मोबाईल की खुशबू में,
बचपन कहीं खो गया।

– मनीषा कुमारी

Categories
Dairy Motivational poetry

गुणों का नाश

दो दिन में युँ जिन्दगीयाँ बदल जाती है
इस पल कुछ और
दूसरे ही पल कुछ और
ये जीन्दगी धूंधली सी नजर आती है।
कुछ ही पलों में,
जमीन – आसमाँ का अन्तर आ जाता।
जल्दबाज़ी से गुणों का,
फासला आजाता है।
गुण बनते हैं धीमी आँच पे,
जल्दबाज़ी से तो गुणों का नाश।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational Musings poetry

दिल का परिंदा

परिंदों सा दिल
गया है मिल
जा कर कहीं, फूलों में खिल।

देखने को मुड़ा कोई,
कहानी बनी नई,
दिल में हल चल हुई कोई नई

जा कर देखा, है किताबों की लड़ी,
दिल में एक खुशी सी उमड़ी,
सारी खुशियाँ हो जैसे, उसी में जड़ी।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational Musings poetry

छोटी छोटी बातों को

यूँ छोटी छोटी बातों को हम,
क्यों पकड़ा करते है।
हर बात को क्यों खींचा करते हैं,
रोज़ रात को सोंचते हैं
हम सिर्फ सोंचा ही करते हैं।
खुद को संभालना भी,
बहुत मुश्किल काम है।
हम खुद को रोज़ बनाया करते हैं,
रोज़ एक नई सोंच से हम
गुजरा करते हैं।
जाने क्यों हम,
छोटी छोटी बातों को
हम पकड़ा करते हैं।

– मनीषा कुमारी

Categories
Musings poetry

रिश्ता तिख्खा नहीं करना चाहिए…

बैठी तो रहती नहीं
और आपसे कुछ कहती नहीं…
बात छोटी सी है
हम आपको जानते नहीं….
इसलिए आपके बारे में,
कुछ कहते नहीं
कुछ पल रहना हो जहाँ,
वहाँ खुशियाँ फैलानी चाहिए।
तीख्खे वचनों से,
रिश्ता तिख्खा नहीं करना चाहिए।

– मनीषा कुमारी

Categories
Motivational poetry

कुछ कहना सुनना…

कुछ भी कहना,
कुछ भी सुनना,
कुछ भी समझना,
फिर बताना।
लोगों का समझना,
फिर समझाना।
अब बस यही,
जिंदगी लगती है।
कभी हँसना
कभी मुस्कुराना,
कभी रोना,
कभी रुला देना।
दुनिया को छोड़,
खुद में मस्त रहना।
अब बस यही,
जिंदगी लगती है।

मनीषा कुमारी

Categories
Motivational poetry

उजाला

नेट की ज़रूरत बहुत है मगर,
इस्तेमाल भी कम करती हूँ।
देखा है जिंदगी को पलटते
दूसरों की,
लेकिन न जाने
हमारी जिंदगी कब पलटेगी।
भागते हैं जिस लक्ष्य के पीछे,
न जाने वो लक्ष्य
कब पूरा होगा।
किसी दिन चमकेगा हमारा भी सितारा,
हम भी कुछ करेंगे ऐसा।
जिंदगी कितनी मुश्किल है,
लेकिन फिर कोशिश ज़ारी रहेगी।
तूफ़ान की रात भले अंधेरी रहेगी,
लेकिन उजाला हमेशा।
खुशनुमा रहेगा।

मनीषा कुमारी

Categories
poetry

बारिश की बौछार

बारिश की बौछार,
अच्छी बहुत लगती है।
कुछ समय की हो,
तो थोड़ी अच्छी लगती है।
ज़्यादा समय तक हो,
तो बहुत ज़्यादा अच्छी लगती है।
लेकिन हर वक्त हर दिन हो
तो खलती है बारिश |

मनीषा कुमारी