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काम बचा है थोड़ा सा

काम बचा है थोड़ा सा,
जिस काम लिए में जागा था।
चलो अब थोड़ा रुक जाऊं,
जाऊं कहीं ठहर जाऊं।
लेकिन यहाँ अच्छा बहोत लगता है,
चलो कल करेंगे काम,
आज करलेते हैं आराम।

अरे! दूसरा दिन हो आया,
मेरा काम भी बढ़ गया।
अब इसे पूरा करने में,
दिन भर लग जायेगा।
काश कल ही करलिया होता,
फिर न आज ये रोना होता,
आज आराम का मौसम होता।

– मनीषा कुमारी

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मुसीबत

यूँ भागो मत मुसीबत से,
ये मुसीबत भी एक परीक्षा है।
देखो तुमसे कह रही,
दोस्त हूँ मै तेरी।
अगर तूने खुशी से मुझे अपनाया,
तो में रास्ता बन जाऊंगी।
तू मुझे पार कर करके देख,
मैं तेरी मंजिल बंजाऊँगी।

– मनीषा कुमारी

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मन उपवन

मन उपवन में पुष्प खिला है,
खुशियों का ये रंगमंच मिला है।
सूरज की उन किरणों से,
पंखुरी पंखुरी खिल आयी है।
दुनिया देखो चमक उठी
अब सुबह हो आई है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

चलो आगे बढ़े

अब तो सूरज भी देखो उग गया,
अब तो दिन भी शुरू हो गया।
अब तो दिल के सूरज को जगाओ,
अब तो ताजी हवा में, खुद को मिलाओ।
चलो लक्ष्य की तरफ बढ़े,
चलो आज कुछ नया करे।
कुछ नया सीखे,
चलो आगे बढ़े।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

भगवान

बुरा वक्त चाहे
कितना भी बुरा हो
लेकिन माँ-बाप कभी
साथ नही छोड़ते।
ऊपर वाला भी बड़ा
मेहरबान रहता है,
उस वक्त जिस वक्त
किसी के माँ-बाप
साथ नही रहते।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

Book review of ” Cherish Loneliness “

Author – Sagar

Price – 49₹

Publisher – New life books

This book introduce loneliness very well. In this book we know about what is loneliness? , Why it is occurs? and how we over come from this loneliness? This book tell us that loneliness is a word which is created by ourselves means if we continuously thinking about our near and dear one which is not with you or forget about you after this you find yourself lonely so don’t think that much. If you are alone don’t feel lonely just thought positive that now you have a freedom to do what you want to do.

Never see yourself through the lens of others because it is your thought about yourself which matters most.

– Sagar

It means that never see yourself with other eyes or in other word we say never judge yourself with other personality. Don’t find happiness in any body else or any where because happiness is a thing which you find in yourself. You create happiness by yourself. Keep yourself busy as much as you can.

A recent research had shown social networking websites are reasons behind comparative, discrimination and makes one feel low. Don’t hook up yourself in the virtual world. Try to live in real world because only real world will give you a good satisfaction and help you to get out of this temporary virtual world. Author give some tips that divide your time, live your life fully before you die, learn to enjoy every moment of your life because all the people in the world get life only one time and never think about that outcome of result just keep going.

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मज़ाक बनाने वालों

जिनकी खुद की जिंदगी का कुछ पता नही,
वे हमें जिंदगी जीना सीखा रहे ।
जो खुद न बोल पाते एक शब्द सही से ,
वो हमे बोलना सीखा रहे।
दूसरों का मज़ाक उड़ाने वालों ,
तुम खुद एक मज़ाक ही हो।

– मनीषा कुमारी

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जिंदगी

शायर हम नही ,

यह जिंदगी बनाती है ।

कवियों को कवि ,

यह हालात बनाती है।

तकदीर बदलती मुसीबतें,

यह सांप सीढ़ी का खेल है।

जाने अनजाने में ,

खेल जाती कई दाव है।

क्या कहे सुख दुख को

यही जिंदगी कहलाती है।

– मनीषा कुमारी

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मेहनत किमती है

सफलता किमती है,

यह न मिलती आसानी से,

न मिलती बाज़ारों में,

न व्यर्थ बेठने से |
यह न आती बुलाने पर ,

लोग फिरते मारे ढूँढ़ते इस किमती चीज़ को,

परंतु यह बसा अपने अंदर

जो मिलता पसिना बहाने से |

– मनीषा कुमारी