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Friendship Musings

तू है शाम मेरी

तू है शाम मेरी,
तू है रात मेरी,
तू जग का सूरज,
तू चाँद मेरी।
तू है बारिश की बूँद नई,
तू कोहरे की पेहली चादर है,
तू ओस की हल्की बूँदे है,
तू मीठा एहसास है,
तू पौधों में खास है।
ये फूलों की बात है,
ये उससे भी खास है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

हार को भी शुक्रिया कहेगा

अनहोनी मुसीबीतें पता नही पूछती,
उनकी तो कोई जुबान नही होती।
दिखा देती है मंजिलों के रास्ते,
तू डट के ज़रा चल तो सही।
यूँ रुक न कहीं,
यूँ थम न कहीं।
कब तक हार से डरेगा,
एक दिन हार भी हारेगा,
तू ही जीतेगा
उन हार को भी शुक्रिया कहेगा।

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Motivational Musings

रोज़ नई खुशियाँ मना लो….

लगे हैं सब ढूढ़ने,
कुछ खुशमिजाजी लोगों को,
यूँ ढूंढ़ते ढूंढ़ते मिले कुछ लोग।
थे उसमे कुछ अच्छे भी,
तो कुछ थे अलग मिज़ाजी भी।
कुछ करते थे बुराई सबकी,
कुछ थे पसंद सबकी।
ये अलग सलीके के खुशमिजाजी,
कुछ को भाते कुछ को नही।
फिर भी लोग ढूंढ रहे,
कुछ खुशमिजाजी लोगों को।
यूँ ढूंढते ढूंढते तुम तंग आजाओगे,
क्यों न खुद ही छोटी छोटी खुशियों का,
एक घर बना लो।
रोज़ कोई त्योहार हो,
रोज़ नई खुशियाँ मना लो।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

हिम्मत एक मैदान है

हिम्मत एक मैदान है,
जिस पे तुझे चलना है।
मुश्किल मुश्किल इंतज़ार करे,
हिम्मत दिखा आगे बढ़ना है।
डर न छोटी चोटों से,
तू गिरा अभी तो क्या हुआ
ये सारी तेरी परीक्षा है।
हाँथ पे हाँथ धरे बैठा है,
तू क्यों मायूस बैठा है,
शुरुआत से तू आगे है,
बहोत दूर नही तेरी मंजिल है।
ये हिम्मत एक मैदान है,
जिस पे तुझे चलना है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

वो तो है सब जानने वाले

वो मीठे स्वर वाले,
वो मोहक मुस्कान वाले।
वो प्रभु ही है देखो,
हर चिंता हरने लेने वाले।
जीवन सुखमय करने वाले,
निर्बल को बल देने वाले।
लोभी को दण्ड देने वाले,
तू अज्ञानी है जो छल करता है,
वो तो है सब जानने वाले।
एक दिन तू भी छल से थक जाएगा,
एक दिन तू जिंदगी को समझ जाएगा।

– मनीषा कुमारी

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दिवाली का माहौल

दुखों की घड़ी मिटा दो,
हंसी की लड़ी लगा दो।
चारों तरफ फूल खिला दो,
बातों की रंगोली सजा दो।
दिवाली का माहौल बना दो,
दियों की कतार लगा दो।
पटाखों की लड़ी लगा दो,
मिठाइयों की बरसात करा दो।
भगवान की पूजा से,
पूरा घर सजा दो।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

धुँध है चारो तरफ

धुँध है चारो तरफ,
सुनसान है रास्ता।
जाने कहाँ जाएगा,
हर एक रास्ता।
दुनिया की इस भीड़ में,
धुँध बने, सपनों के रास्ते।
हटाना जानते हैं धुँध को लेकिन,
हटाना है मुश्किल।
लेकिन कुछ भी मुश्किल नही,
कुछ दूर चलते ही,
खुद ब खुद दिख जाते हैं
बाकी के रास्ते।

– मनीषा कुमारी

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हृदय की गति

हृदय की गति गीत गाती है,
देखो क्या ये हमे सुनाती है।
ताज़ी हवा की ताज़गी देखो,
नए पत्तों के अरमान देखो।
दिन भर मैं चलते जाऊँ,
तुम भी अपना कार्य देखो।
कार्य संग कसरत देखो,
वक्त के संग चलते जाओ।

– मनीषा कुमारी

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जिंदगी की रंगोली

किस्मत को दोष दूँ,
या अपनो को दोष दूँ,
या वक्त ही खराब है।
कभी खुशी का माहौल है,
कभी दुखों का सागर है,
कभी वक्त की बहार है,
कभी वक्त का साथ है,
कभी आलस का हाँथ है।
दुनिया की भाग दौड़ में,
सब चल रहे शोर में,
फिर भी बूँद बूँद बरस रहे,
मेहनत का पानी है।
दूर तक आये हैं,
तो अंत तक जाएँगे।
जिंदगी की रंगोली को,
कलम से सजायेंगे।

– मनीषा कुमारी

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अच्छे लोग

अच्छे लोगों का लोग
इम्तिहान बहोत लेते हैं।
बुरे लोग तो यूँ ही,
अपनी झूठी मीठी बातों से
बच जाया करते हैं।
फँस जाते हैं वो लोग,
जो चालक नही बन पाते।
बस खुद में फंसे
रह जाते हैं।

– मनीषा कुमारी