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कभी हौसला न हुआ

न हिम्मत हुई,
न हौसला हुआ।
जिंदगी में कई बार
भरोसा भी मिला।
न रास्ते रहे,
न उनका भूलना हुआ।
रास्तों पे हमने,
कई कई लोग देखे,
लेकिन उसका न मिलना हुआ,
न बोलना हुआ।
फिर कभी हमे जाने क्यों
कभी हौसला न हुआ।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

हर इंसान अहम होता है…

हर एक इंसान
तुम्हारी जिंदगी में,
एक अहम हिस्सा होता है।
जो किसी भी पल,
किसी भी दिन,
तुम्हारी जिंदगी में,
सवेरा कर सकता है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

छोटी सी रुकावट

छोटी सी रुकावट से,
जिंदगी रुक जाती है।
हम हैरान है कि,
जिंदगी कैसे पीछे छूट जाती है।
कभी कभी कोई ख्याल से जाता नही,
कभी कभी ख्याल में ही नही आता।
दुनिया के गोले में ख्याल भी घूमता है,
सोंचा था तुमसा कोई नही और
तुम्हारे बिना मेरी कोई मंज़िल नही
एक झटके में किसी ने,
मंज़िल दिख दी।
पास ही थी कहीं
फिर भी ढूंढ न पाई।

– मनीषा कुमारी

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Musings

सफर जारी है तुमसे ही..

जिंदगी की शुरुआत तुमने की थी,
जिंदगी से हारे  तुम थे।
हम यूँ ही आ गए थे,
हमे जिंदगी में लाये तुम थे।
सही कहा है कि,
दिल की बात क्या कहूँ,
कि शुरुआत तुमसे की थी,
और सफर भी जारी है तुमसे।

– मनीषा कुमारी

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क्या हँसना क्या रोना है

क्या हँसना क्या रोना है,
जिंदगी एक कहानी है।
जो होना है,
सो तो होना है।

– मनीषा कुमारी

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शब्दों की गहराई

शब्दों की गहराइयों को,
शब्द नही समझ पाते।
दिल की बातों को,
दिल ही समझ नही पाते।
आये थे किसी का ख्याल पूछने,
वो तो ना समझ निकले।
शब्दों के समुन्द्र को गहरा देख कर,
उसमे डूबने से घबरा गए।

– मनीषा कुमारी

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मोह के बादल

सच है कि मोह,
अच्छे अच्छों को डूबा देता है।
मोह के बादल हटते ही,
सब कुछ साफ दिखाई देता है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

अगर मगर की सोंच

अगर मगर की सोंच,
हमेशा पीछे रखती है।
बहानों को साथ ले चलो,
तो ये पीछा करती हैं।
हर बात पे हमे,
ये रोका टोका करती है।
अगर मगर के क्यों,
साथ चलते हो।
ज़रा खुद की गलतियों की,
पहचान किया करो।
उन्हें सुधारते हुए आगे बढ़ा करो,
अगर मगर को देख,
देखना मंजिल में खो जाओगे।
खुद भी आगे बढ़ोगे
दूसरों को भी आगे बढ़ाओगे।

– मनीषा कुमारी

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किताबों का खज़ाना

खज़ाना मिला नही अब तक,
यूँ तुमसे दूर बैठे हैं।
यूँ किताबों का खज़ाना,
मिल जाये एक दिन।
ज़माने भर की ख्वाईशों को,
हम भूल बैठेंगे।
खज़ाना मिला नही अब तक
यूँ तुमसे दूर बैठे हैं…
मिल जाओगे कभी जिंदगी में हमे,
खुशी से हम तुम्हारा स्वागत करेंगे।
मिल जाए अगर साथ तुम्हारा,
तो शब्दों के खज़ाने के, धनी हम होंगे।

– मनीषा कुमारी

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कभी कभी…

कभी कभी पागलों की तरह,
हँसते रहना भी अच्छा है।
कभी कभी दुख में,
खुश होना भी अच्छा है।
कभी कभी खुशी में भी,
और खुश होना अच्छा है।
कभी कभी दुनिया को भूल कर,
हँसते रहना अच्छा है।
कभी कभी खुद भुला कर,
हँसते रहना अच्छा है।
कभी कभी सिर्फ,
हँसते रहना भी अच्छा है।
दुनिया में दुख के सिवा,
फालतू का हँसना रखा है।
ज़रा ध्यान से देखो दुनिया को,
दुनिया में सिर्फ हँसना रखा है।

– मनीषा कुमारी