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काश ऐसा हो जाये

काश ऐसा हो जाये,
काश वैसा हो जाये,
इसी में उलझे सारे हैं।
यूँ सोंचले कोई,
की अभी हमे क्या करना है।
तो कई लोग सफलता के
पार निकल जाये।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

बदलना भी बदल गया

दुनिया के पीछे पीछे,
हम भी बदल गए।
इस तरह से बदलना,
तो बदलने को भी बुरा लगा।
हमे देख वो भी,
थोड़ा बदल गया।

– मनीषा कुमारी

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संभलना पड़ता है

कोन कब बदल जाये,
ये डर लग रहता है।
हर किसी के रंग बदलने पे,
संभलना पड़ता है।

– मनीषा कुमारी

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एक आदत नही बदलती

दिन रात लोग बदलते हैं,
दिन बदलते हैं,
रात बदलते हैं।
जिंदगी बदलती है,
लेकिन एक आदत नही बदलती,
ये भरोसा करने की आदत।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

गलत फहमी

दर्द बहोत है,
जिंदगी बहोत है,
फिर भी जीना बहोत है।
ज़मीन अभी हटी नही पाँव से,
लेकिन फिर भी,
चलना बहोत है।
हम किसी से न जलते हैं,
न डरते हैं,
बस आपकी चिंता करते हैं।
इसे क्यों आप अपना,
खोफ समझते हैं,
इसे ही दूसरी भाषा में
गलत फहमी कहते हैं।

– मनीषा कुमारी

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कलम

वो वक्त भी बड़ा अजीब होगा,
जब कलम शांत होगी।
चारों तरफ शोर होगा और
कलम कहीं कोने में पड़ी होगी।

– मनीषा कुमारी

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भावनाएँ

भावनाएँ दूसरों की हो,
तो कौन समझे।
अपनी भावना तो,
सबको समझ में आती है।
फिक्र दूसरों की हो,
तो कौन समझे।
अपनी फिक्र तो,
सबको समझ आती है।
आसमाँ से गिरने वाला कभी चलता नही,
ज़मीन पर गिरने वाले तो,
गिर कर फिर उठ जाया करते हैं।

– मनीषा कुमारी

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गलतियाँ गुरु हैं

गलतियों ने बहोत कुछ सिखाया है,
कभी हँसाया है कभी रुलाया है।
कभी हँस के रो दिए,
कभी हँसते ही रह गए।
गलतियों ने बोलना सिखाया,
इन्होंने ही चलना सिखया।
उठना सिखाया बैठना सिखया,
गिर के फिर संभलना सिखाया।
आज कल गलतियों पर रोना नही आता,
बस हल्की सी मुस्कान आती है,
की ये अकेला गुरु है,
जो मरते दम तक सिखाना नही छोड़ेगा।

– मनीषा कुमारी

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मेहनत की कियारी

मेहनत की कियारी में,
बहोत से फूल बोये हैं।
कुछ सूखे कुछ मुरझाए हैं,
कुछ तो जम के खिलखिलाए हैं।
तुम्हारे पत्थर फैक देने से,
गमले टूट सकते हैं,
मेरे बगीचे नही।

– मनीषा कुमारी

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इल्ज़ाम आलस पर

वजह वजह निकाल निकाल कर,
इल्ज़ाम लगाने लगे।
खुद की गलतियों को,
पराया बताने लगे।
खुद से बैठें हैं सुस्त,
इल्ज़ाम आलस का लगाने लगे।

– मनीषा कुमारी