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Dairy microtale Motivational Musings poetry

लालची हमे बताते हो..

नाखूनों को देख तकदीर बताते हो,
खुद पैसे खाते हो,
लालची हमे बताते हो।

– मनीषा कुमारी

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Dairy Motivational Musings poetry

वो बुरा ही समझेंगे

जिसकी जैसी सोंच है,
वो वैसा ही सोंचेगा।
तुम लाख सफाई देदो,
वो तुम्हे बुरा ही समझेंगे।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

खुद का दर्द

खुद का दर्द,
खुद से बेहतर,
कोई जान ही नही सकता।
कितना भी कुछ कहे,
कोई मान ही नही सकता।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

हमारे शब्द भगवान बुलवाते…

बात तो कुछ भी न थी,
लेकिन बात कर ली,
कुछ कहना तो न था,
फिर भी बहोत कुछ कह गए,
कभी – कभी हमारे शब्द हम नही,
हमसे भगवान बुलवाते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

खुशी क्या है…

खुशी वो भाव है,
जिसे व्येक्त करना मुश्किल है,
उसके लिए शब्द मिलना मुश्किल है,
उसे जाहिर करना मुश्किल है।
कभी तो पहचानना मुश्किल है,
कभी कभी तो इसे समझना मुश्किल है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

तुझे परेशान बहोत किया

मुझे माफ़ कर जिंदगी,
तुझे परेशान बहोत किया।
कभी सताया,
कभी याद बहोत किया,
कभी तुझे जाना,
कभी तुझे नाराज़ बहोत किया,
फिर भी दी तूने,
शब्दों की सीख हमे।
माफ कर जिंदगी,
तुझे परेशान बहोत किया।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

रुमाल

जरूर किसी अनुशाशन प्रिय ने,
शुरू किया ये,
रुमाल का दौर,
भले छोटा हो इसका आकार,
इसके काम के हैं कई प्रकार।
कभी बीमारों के काम आए,
कभी रोते लोगों को चुपाये,
कभी बच्चों का खेल बन जाये।
भले छोटा हो इसका आकार,
काम आए सभी को हर बार।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

जो अपने पास है नहीं..

जो अपने पास है नही,
उसकी चाहत करते हो।
जो तुम्हारे पास है,
उससे क्यों दूर जाते हो,
आज पास है तो कदर करो।
कल किसी ने देखा नहीं तो,
कल के लिये क्यों रोते हो।
जो अपने पास है नही,
उसकी चाहत क्यों करते हो।
जो तुम्हारे पास है,
उससे क्यों डर जाते हो।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

लेखक की नज़र

लेखक की नजर से देखो,

तो कलम भी एक दोस्त नज़र आती है।

वरना दुनिया की नजर से तो,

पत्थर भी इंसान नज़र आते हैं।

      – मनीषा कुमारी

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खुद को जानने में

खुद को जानने में,
सब कुछ भुला दो।
खुद को पहचानने में,
कोई देरी न करो।
खुद के साथ वक्त बिताना भी,
बहोत अच्छा होता है।
कभी कभी,
खुद के लिए कुछ करना भी,
अच्छा होता है।
भले खुद को जानने में,
सब कुछ भुला दो,
लेकिन खुद के लिए कुछ करना भी,
अच्छा होता है।

– मनीषा कुमारी