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Friendship Motivational Musings poetry

पूरी बात तक नहीं करते

बरसों का याराना,
यूँ ही तोड़ देते हैं लोग।
न इन्हें दर्द होता है,
न इन्हें फर्क पड़ता है
समय से बाँध देते हैं
सबंध को ये लोग
बंद हो जाते हैं इनके मुँह
पूरी बात तक नहीं करते,
लगता है, खत्म हुआ मतलब हमसे,प
इसलिए अब मुँह फेर लिया करते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Dairy Motivational poetry

गुणों का नाश

दो दिन में युँ जिन्दगीयाँ बदल जाती है
इस पल कुछ और
दूसरे ही पल कुछ और
ये जीन्दगी धूंधली सी नजर आती है।
कुछ ही पलों में,
जमीन – आसमाँ का अन्तर आ जाता।
जल्दबाज़ी से गुणों का,
फासला आजाता है।
गुण बनते हैं धीमी आँच पे,
जल्दबाज़ी से तो गुणों का
नाश ही होता है।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Motivational poetry

नाराज़गी

नाराज़गी तो,
आती जाती रहती है।
कभी अपनों से,
तो कभी परायों से।
दोस्तों की दोस्ती,
यूँ पल में नहीं तोड़ी जाती है।
जो पल में टूट जाये,
वो दोस्ती, दोस्ती नहीं होती।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Motivational poetry

दोस्तों के लिए

कभी उदास रहते हैं,
कभी खफ़ा रहते हैं,
किसी के लिए तो नाराज़ रहते हैं,
लेकिन नाराज़ होने की कोई बात नही।
क्योंकि हमेशा ही हम
अलग भाव रखते हैं।
दोस्तों के लिए तो
कभी गुस्से में,
तो कभी नाराज़,
या कभी मज़ाक करते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Motivational Musings poetry

कुछ बदलता है

हर दिन, हर रात बदलते हैं,
वक्त बदलता है,
मौसम बदलता है,
हर साल के साथ,
हम भी बदल गए।
जैसे जैसे हम बड़े होते गए,
हमारी सोंच भी बदलते गए।

– मनीषा कुमारी

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Musings poetry

कोई शुरुआत न कि

दूर जाने की बात अलग थी,
फिर से मिलने की,
कोई गुंजाइश नही थी।
उदास थे चेहरे,
क्यों कि फरमाईश नही थी।
बातों में ऐसा उलझे,
की कोई नई शुरुआत न कि।


                – मनीषा कुमारी

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microtale story

वो आवाज़

(मोहन को कई दिनों से एक आवाज़ सुनाई दे रही थी।)वो..वो आवाज़… जो बार बार मेरे कानों से टकराती है। क्या है वो? लगता है कोई आया है। लेकिन मैं तो अकेला रहता हूँ। कौन होगा वो? चलो देखते हैं। (दरवाजा खुलते ही) कौन हो तुम? (अनजान इंसान घर में घुसते हुए) मैं.. मैं तुम्हारा दोस्त हूँ। पिछले साल ही तो मिले थे हम। फिर दोनों काफी देर तक बात करते रहे।पुरानी यादें ताज़ा करते रहे। दोस्त के घर से जाते ही, उसे याद आया कि ये तो छह महीने पहले ही मर ही किसी कारण से मर चुका था। वो दोबारा दरवाज़े की तरफ देखता है। कि वो दीवारों  के आरपार होता हुआ बाकी जगह घूम रहा है।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Musings

तू है शाम मेरी

तू है शाम मेरी,
तू है रात मेरी,
तू जग का सूरज,
तू चाँद मेरी।
तू है बारिश की बूँद नई,
तू कोहरे की पेहली चादर है,
तू ओस की हल्की बूँदे है,
तू मीठा एहसास है,
तू पौधों में खास है।
ये फूलों की बात है,
ये उससे भी खास है।

– मनीषा कुमारी

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Friendship

पुराने दोस्त

दोस्त पुराने नही होते,
यादें पुरानी होती है।
हर एक दोस्त की एक अलग,
कहानी होती है।
सुनने वाले कम ही सही,
लेकिन दिल से जो सुने
ऐसे सच्चे दोस्त भी होते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Musings

दोस्ती और दुनिया

दोस्तों की दोस्ती,
यारों की यारी।
आयी सबकी बारी,
ये दोस्तों की नामावली।
दोस्ती है अपनी तगड़ी,
ये बातों की रैली।
लगे है दुनिया,
जैसे हो जलेबी।
तू हो संग,
तो लगे है दुनिया,
जैसे कोई सीधी सी जलेबी।

– मनीषा कुमारी