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Friendship Motivational poetry

नाराज़गी

नाराज़गी तो,
आती जाती रहती है।
कभी अपनों से,
तो कभी परायों से।
दोस्तों की दोस्ती,
यूँ पल में नहीं तोड़ी जाती है।
जो पल में टूट जाये,
वो दोस्ती, दोस्ती नहीं होती।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Motivational poetry

दोस्तों के लिए

कभी उदास रहते हैं,
कभी खफ़ा रहते हैं,
किसी के लिए तो नाराज़ रहते हैं,
लेकिन नाराज़ होने की कोई बात नही।
क्योंकि हमेशा ही हम
अलग भाव रखते हैं।
दोस्तों के लिए तो
कभी गुस्से में,
तो कभी नाराज़,
या कभी मज़ाक करते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Motivational Musings poetry

कुछ बदलता है

हर दिन, हर रात बदलते हैं,
वक्त बदलता है,
मौसम बदलता है,
हर साल के साथ,
हम भी बदल गए।
जैसे जैसे हम बड़े होते गए,
हमारी सोंच भी बदलते गए।

– मनीषा कुमारी

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Musings poetry

कोई शुरुआत न कि

दूर जाने की बात अलग थी,
फिर से मिलने की,
कोई गुंजाइश नही थी।
उदास थे चेहरे,
क्यों कि फरमाईश नही थी।
बातों में ऐसा उलझे,
की कोई नई शुरुआत न कि।


                – मनीषा कुमारी

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microtale story

वो आवाज़

(मोहन को कई दिनों से एक आवाज़ सुनाई दे रही थी।)वो..वो आवाज़… जो बार बार मेरे कानों से टकराती है। क्या है वो? लगता है कोई आया है। लेकिन मैं तो अकेला रहता हूँ। कौन होगा वो? चलो देखते हैं। (दरवाजा खुलते ही) कौन हो तुम? (अनजान इंसान घर में घुसते हुए) मैं.. मैं तुम्हारा दोस्त हूँ। पिछले साल ही तो मिले थे हम। फिर दोनों काफी देर तक बात करते रहे।पुरानी यादें ताज़ा करते रहे। दोस्त के घर से जाते ही, उसे याद आया कि ये तो छह महीने पहले ही मर ही किसी कारण से मर चुका था। वो दोबारा दरवाज़े की तरफ देखता है। कि वो दीवारों  के आरपार होता हुआ बाकी जगह घूम रहा है।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Musings

तू है शाम मेरी

तू है शाम मेरी,
तू है रात मेरी,
तू जग का सूरज,
तू चाँद मेरी।
तू है बारिश की बूँद नई,
तू कोहरे की पेहली चादर है,
तू ओस की हल्की बूँदे है,
तू मीठा एहसास है,
तू पौधों में खास है।
ये फूलों की बात है,
ये उससे भी खास है।

– मनीषा कुमारी

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Friendship

पुराने दोस्त

दोस्त पुराने नही होते,
यादें पुरानी होती है।
हर एक दोस्त की एक अलग,
कहानी होती है।
सुनने वाले कम ही सही,
लेकिन दिल से जो सुने
ऐसे सच्चे दोस्त भी होते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Musings

दोस्ती और दुनिया

दोस्तों की दोस्ती,
यारों की यारी।
आयी सबकी बारी,
ये दोस्तों की नामावली।
दोस्ती है अपनी तगड़ी,
ये बातों की रैली।
लगे है दुनिया,
जैसे हो जलेबी।
तू हो संग,
तो लगे है दुनिया,
जैसे कोई सीधी सी जलेबी।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Musings

मतलबी दोस्त

मन मानी वो करती रही,
काम अपना निकलती रही।
काम हो जाने पर,
गायब हुई कहीं।
फिर से मिली कहीं,
भटकते भटकते।
पूछा जब हाल चाल,
पहचान हमारी भूल गई।
जब पड़ी मुसीबत फिर से उसपे,
याद हमारी आ गई,
अब पुकारा उसने हमे।
और हमने उनकी तरफ
देखा भी नहीं।

– मनीषा कुमारी

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Friendship

दोस्ती हमारी

दोस्ती हमारी पुरानी है,
सोने सी चमक ये देती है,
हीरों से अनमोल रिश्ता है,
लोगों को जो लगता है लगे
हमे हमेशा साथ रहना है।
दुनिया बिखरती है,
तो बिखरने दो
तुम साथ हो तो
हर मुश्किल कम लगती है
सच है कि दोस्ती अनमोल होती है।

– मनीषा कुमारी