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Musings poetry

मजबूरी बहोत है…

भरोसा तो किसी पे नही मुझे
लेकिन भरोसे करने की,
मजबूरी बहोत है।
चाहती तो कुछ भी नही
किसी से लेकिन,
मजबूरी बहोत है।
परेशान तो हूँ, हर किसी से
लिकेन परेशान होने की,
मजबूरी बहोत है।
चले तो जाते कबका
इस दुनिया से लेकिन,
रुकने की मजबूरी बहोत है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

खुशी के पल

ख़ुशी के पल बनते नही
बनाये जाते है।
उसे ढूंढने की भूल न करना
वी खुद ही में समाए होते हैं।
खुद ही में खुश रहोगे,
तो हमेशा खुश रहोगे
वरना ढूंढने पर दो पल की हँसी
और फिर जिंदगी निराशा में फंसी।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

भगवान

बुरा वक्त चाहे
कितना भी बुरा हो
लेकिन माँ-बाप कभी
साथ नही छोड़ते।
ऊपर वाला भी बड़ा
मेहरबान रहता है,
उस वक्त जिस वक्त
किसी के माँ-बाप
साथ नही रहते।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

उदासी

उदासी उदास करती है,
जिंदगी जीने नही देती,
वक्त रोने पर मजबूर करता है।
हर ओर सन्नाटा है छाया,
मन की लहर और
दिल का तूफान एक साथ
आने को रहते त्यार,
लेकिन दोनो थमने का नाम नहीं लेते।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

People are like apples!

When you get an apple
With a spot on it,
remove the spot with a knife
most of the time,
the spot is not very deep.
A spotless apple is very expensive
and difficult to find.
It is similar to people
who live in this world.
We have to remove
that spot with your mental knife.

– Manisha kumari

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Motivational poetry

जिंदगी

दुनिया दुनिया कहते रहे
दुनिया छूट गई,
मंजिल तो आगे थी पीछे जमाना छोड़ गई,
समझदारी समझ छोड़ उलझ गई,
जिंदगी की नाव बीच समंद्र में ही छोड़ गई
जिंदगी की आखरी मोड़ पर ही
जिंदगी समझ आ गई।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

यादें

समय का इंतजार करते करते
समय बीत जाता है,
समय तो बचपन जैसे पीछे ही
छूटता जाता है।
जिंदगी की इस राह में समय के पाबंद लोग
भी थम जय करते है।
अगर बीत जाए लम्हा तो वापस नही आता लेकिन यादों का सिलसिले रोके नही रूकते,
बीच काम मे ही कहीं से वापस आजाया करता है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

समय की डोर….

बीतता जाता है समय,
निकलती जाता है समय।
लेकिन जिंदगी भी तो थमती नही,
वक्त निकलता जाता है।
वक्त कभी थमता नही,
बीतता जाता है समय।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

मज़ाक बनाने वालों

जिनकी खुद की जिंदगी का कुछ पता नही,
वे हमें जिंदगी जीना सीखा रहे ।
जो खुद न बोल पाते एक शब्द सही से ,
वो हमे बोलना सीखा रहे।
दूसरों का मज़ाक उड़ाने वालों ,
तुम खुद एक मज़ाक ही हो।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

वो तो एक उजाला है

वो तो एक उजाला है,
नदियों की बहती धारा है,
कभी तेज कभी मंद है।
चिड़ियों की चह – चहाट है,
वो झरने का पानी है,
पेड़ो की हरियाली है ,
कभी सुखी कभी निराली है।
समुन्द्र की गहराई है ,
आसमान की ऊंचाई है,
शक्तियों का उजला है वो ,
ईश्वर के समान है,
वो तो एक अदभुत कला है।

– मनीषा कुमारी