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Motivational

शर्म करके देखो

धूल से मिलना हो
तो पक्के नही,
कच्चे रास्तों से गुज़र के देखो।
जिंदगी में किसी का
ख़ौफ़ न हो तो,
थोड़ा शर्म करके देखो।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Motivational

हम भी नाराज़ हैं..

इस बात से तो,
हम भी नाराज़ हैं।
जिस बात से तुम,
नाराज़ हो।
बस कुछ शब्दों ने,
बाँध रखा है।
वर्ना हम भी,
कब का तुम्हे छोड़ जाते।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

दिल और दिमाग की लड़ाई

दिल से दिमाग की लड़ाई हो गई,
छोटी सी बात पे इनकी पिटाई होगई।
दिल का कसूर इतना था बस की,
पूछ लिया उसने दिमाग से की,
तू कुछ भी करने से पहले,
इतना सोंचता क्यों हैं।

इसमें दिमाग ने कहा
मैं तेरी तरह नही की
कहीं पे भी भावनाओं में बह जाऊं
और कहीं पर भी दोखा खजाऊँ।
दिमाग हूँ सोंच समझ के ही फैसले लेता हूँ।

इतने में दिल कहता है सोंचने में
इतना क्यों इतराता है,
सोंच में भी जरूर किसी ने
तुझे उलझाया होगा,
किसी ने तुझे भी
अपने जाल में फँसाया होगा,
तू भी किसी बात से खूब रोया होगा।

दिमाग ने इस बारे में
बहोत सोंचा की बात तो ये ठीक करता है,
फिर भी अपनी बात में
मन में दबाए रखूंगा।

दिल को ये बात पता चल गई,
उसने दिमाग से ये बात कह दी
मन की बात दिल सब जानता है,
मन में जो भी बात रखेगा
वो बात घमंड, अकड़, गुस्से
के रूप में बाहर आएगी।

दिमाग भी थोड़ा संभला
फिर मन की बात उसने दिल से कही
तब थोड़ा दिमाग हल्का हुआ
अब वो हर बात दिल को बताता
दिल न सुने तो पन्ने को बताता।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

हिंदी का कत्ल

हिंदी का कत्ल होता दिखता है,

आज कल हिंदी में बातें सब करते हैं,

लेकिन पूरी तरह हिंदी अपनाना नही चाहते।

अंग्रेजी में बात कर जाने

खुद की शान समझते हैं।

जिस जमीन के लिए

इतने लोगों ने जान लगा दी

आज उस जमीन की कोई कदर नही।

मिट्टी में मिलते देख जमी को

जमी का कत्ल होते दिखता है।

आज का शिक्षक आजादी की कहानी भी

बच्चों को अंग्रेजी में सुनना पसंद करता है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

महत्व का पता

जिस तरह पौंधों के
दुनिया में धीरे से,
खत्म होने पर
उनकी महत्व का
पता चलता है।
वैसे ही कुछ लोगों के
नष्ट हो जाने के बाद,
उनका महत्व पता चलता है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

तुम अगर न होते

तुम अगर न होते,
जिंदगी में हमारे,
तो हम भी रास्ता भटक जाते।
अच्छा है कि तुम साथ हो
नही तो हम मिट ही जाते।
तुम पर लिखकर ही तो हमने
अपना दुख बाँटा हैं।
तुम रोते हो तो,
हमे भी रोना आता है।
बचपन से साथ हो,
यूँ हमेशा साथ रहना।
पन्ने पलटते पलटते
जिंदगी गुजरी,
यूँ पन्ने लिखते लिखते
जिंदगी चलती भी जाये।

– मनीषा कुमारी

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Motivational

काम बचा है थोड़ा सा

काम बचा है थोड़ा सा,
जिस काम लिए में जागा था।
चलो अब थोड़ा रुक जाऊं,
जाऊं कहीं ठहर जाऊं।
लेकिन यहाँ अच्छा बहोत लगता है,
चलो कल करेंगे काम,
आज करलेते हैं आराम।

अरे! दूसरा दिन हो आया,
मेरा काम भी बढ़ गया।
अब इसे पूरा करने में,
दिन भर लग जायेगा।
काश कल ही करलिया होता,
फिर न आज ये रोना होता,
आज आराम का मौसम होता।

– मनीषा कुमारी

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जिंदगी परेशान हो गई

किसी ने जिंदगी जिंदगी
इतना किया कि,
जिंदगी भी परेशान हो गई
बोली मेरे बारे सोंचने से ज्यादा,
मुझे जीना सीख ले
नही तो मेरा पीछा छोडदे।

– मनीषा कुमारी

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वक्त भी कहेगा

तुम मुझे क्या बिगारोगे,
आज तूम जो वार करोगी,
कल वक्त तुम पर करेगा।
भले साल लग जाये,
वक्त न बदलेगा,
न कभी रुकेगा,
तुम बदलोगी ये तो,
वक्त भी कहेगा।

– मनीषा कुमारी

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मुसीबत

यूँ भागो मत मुसीबत से,
ये मुसीबत भी एक परीक्षा है।
देखो तुमसे कह रही,
दोस्त हूँ मै तेरी।
अगर तूने खुशी से मुझे अपनाया,
तो में रास्ता बन जाऊंगी।
तू मुझे पार कर करके देख,
मैं तेरी मंजिल बंजाऊँगी।

– मनीषा कुमारी