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Motivational Musings poetry

बस ऐसे ही कई ख्याल

अच्छाई की राह पे,
चल तो दें
लेकिन कोई चलने नही देता।
हम जरा आगे बढ़े,
तो आगे बढ़ने नही देता।
बस ऐसे ही कई ख्याल
मन मे बिखरे, उमड़े
नही तो शायद
हमे अच्छे बुरे का
फर्क भी नही पता।

     – मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

खुश रहने का यही उपाए…

जाने हर कोई,
खुशियों के फूलों को,
बस उसे उगाना भूल जाते हैं।
लोग कितना भी करे काम कोई,
व सुबह खुश होना भूल जाते हैं।
खुश रहने का यही उपाए,
हर कोई भूल जाते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

इंतेकाम की आग

इंतेकाम वो आग है,
जो इंतेकाम से मिलकर,
आग का दरिया बना दे।
समुन्द्र जितने पानी से भी,
जिसकी प्यास न बुझे।
मिट्टी के छिड़काव से,
हर दरिया समान लगे।
फूलों के हार से,
फिर हर शमशान सजे।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

समय के साथ

सब कुछ सीख जाता है,
सब कुछ जान जाता है,
हर बात मान लेता है,
हर कुछ ठीक हो जाता है,
खुद पर विश्वाश हो तो,
समय के साथ,
सब कुछ ठीक हो जाता है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

बादलों ने सूरज से…..

बादलों ने सूरज से सीखा,
खिलना फिर रंगों में घुलना।
रात के अँधेरे के बाद,
फिर से खिल कर बिखर जाना,
हर पल खुद को बदलना।
कभी कभी मिल कर,
फिर जम के बरस जाना।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

गंभीरता चली गयी…

झूटी दुनिया की,
झूटी बातें,
चुभती तो बहोत है,
लेकिन सच है,
की अब आदत सी है।
आज कल हम बातों को,
गंभीरता से लेते नही।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

शायद सच नही मेरा सच

शायद सच नही मेरा सच,
लेकिन कहने में कैसा खर्च।
लोगों की बातें,
लोगों की सोंच होती है।
हम कुछ भी कहे,
उनको गलत ही सोंचना होता है।

– मनीषा कुमारी

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Dairy microtale Motivational Musings poetry

लोगों की बातें, लोगों की सोंच…

शायद सच नही मेरा सच,
लेकिन कहने में कैसा खर्च।
लोगों की बातें,
लोगों की सोंच।
हम कुछ भी कहे,
उनको गलत ही है सोंचना।

– मनीषा कुमारी

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Dairy microtale Motivational Musings poetry

लालची हमे बताते हो..

नाखूनों को देख तकदीर बताते हो,
खुद पैसे खाते हो,
लालची हमे बताते हो।

– मनीषा कुमारी

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Dairy Motivational Musings poetry

वो बुरा ही समझेंगे

जिसकी जैसी सोंच है,
वो वैसा ही सोंचेगा।
तुम लाख सफाई देदो,
वो तुम्हे बुरा ही समझेंगे।

– मनीषा कुमारी