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Motivational Musings

दर दर ऐसे भटके

दर दर ऐसे भटके हम
की हर रास्ते से पहचान हो गई।
जब चलते थे रास्ते पे,
हर रास्ते को इंतजार हो गई।
हर रास्ता रुकने को कहता था,
की जरा रुक कर यहीं ठहर जाओ।
कुछ देर ठहरते थे जिस रास्ते पर,
उन रास्तों से ऊबन हो गयी।
फिरसे चल पड़े रास्तों की खोज में,
फिर से शुरू हुई दर दर की ठोकरें।

– मनीषा कुमारी

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Musings

पत्थर भी रो पड़ा

पत्थर भी रो पड़ा,
ये पत्थर सी दुनिया देख।
ये इंसान पत्थर हो गया,
अपना जहां देख।
जिंदगी से हार गया,
हल्की सी धुंध देख।
दिल टूट गया,
सपना टूट देख।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

लिखते चलूं पन्ने पर…

लिखते चलूं पन्ने पर,
जीवन का सार।
कोई मिले राही,
तो सुनता चले बात।
बंद करूँ आँखें,
तो दिखे जीवन का सार।
खुली आँखों पे तो,
धुँधला सा प्रसार।
आओ कभी जीवन में,
एक लेख समझाऊँ।
आज कल कोई,
नई बात बताऊँ।
लिखते चलूं पन्ने पर,
जीवन का सार।
कोई मिले राही,
तो सुनता चले बात।

– मनीषा कुमारी

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comedy Musings

मच्छर

जाहाँ जाहाँ जाऊँ,
वहाँ वहाँ आये।
कोई उससे बात न करे,
फिर भी वो खून पी जाए।
अपनों से ज्यादा अब,
वही साथ निभाये।
बस बदले में थोड़ा सा,
खून पी जाए।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

खुद से उलझ पड़े

धीमी है दिल की धड़कन,
धीमी है साँसें।
बंद बंद सी आवाज़ है,
पुकारती हर ओर है।
देखती हर मोड़ पे,
रास्ते उलझ चुके।
इन उलझे रास्तों पे हम तो,
कुछ तो सुलझ चुके।
इस उलझन ने तो,
सब कुछ सुलझा दिया।
फिर भी हम तो,
खुद से उलझ पड़े।

– मनीषा कुमारी

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Musings

यूँ छुप के चलना

यूँ छुप के चलना,
मजबूरी तो नही।
यूँ बचना संभलना,
आदत न थी।
कभी खुद पे बीतेगी
तो जानोगे कभी।
इस आज़ाद टुकड़े पर भी,
कितनी है पाबंदी।

– मनीषा कुमारी

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Musings

दिल से निकली बातें

दिल से निकली बातें,
दिल छू जाती है।
कागज़ पे निकलते ही,
ये दिल जीत जाती है।
दिल ही दिल मे ख्याल आता है,
की दिल ही दिल से क्यों घबराता है।
बिन घबराए जब बात लिखूँ,
तो दिल यूँ ही संभल जाता है।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Musings

मतलबी दोस्त

मन मानी वो करती रही,
काम अपना निकलती रही।
काम हो जाने पर,
गायब हुई कहीं।
फिर से मिली कहीं,
भटकते भटकते।
पूछा जब हाल चाल,
पहचान हमारी भूल गई।
जब पड़ी मुसीबत फिर से उसपे,
याद हमारी आ गई,
अब पुकारा उसने हमे।
और हमने उनकी तरफ
देखा भी नहीं।

– मनीषा कुमारी

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Musings

बात करते करते

बात करते करते,

बात बदल जाती है।

यहाँ बातों की बातों से

मुलाकात नही होती,

और लोग तो लोगों से

बात कर रहे, मुलाकात की

यहाँ अपनी ही बातों की

कोई कीमत नही।

और लोग रिश्तों की,

कीमत बता रहे।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings

नकल वाले चेहरे

नकल वाले चेहरे हज़ार देखे हैं
नकल करने वालों पे तो हमने
पहचान वालों का ही, हाल बेहाल देखा है
नकल करने को जो मिले इन्हें
पा लिया अमृत लगता है।
कोमल से खुद के शरीर को
जरा आजमा के दखो।
नकल करने में शायद
अफसोस हो जाये।

– मनीषा कुमारी