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Musings poetry

तेरा एहसास ही काफी है….

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Motivational Musings poetry

बोली के चाल ढाल….

बोली के चाल ढाल का,
पूरी दुनिया में खेल है।
जो न सीख पाया ये चाल,
वो इस दुनिया में फेल है।
कभी नजरें करती हैं जादू,
तो कभी लय का खेल है।
कभी आये प्रलये,
तो सोंच का खेल है।
जीने के लिए,
बस कुछ सलिकों का हेर फेर है।
वर्ना क्या ज़रूरत थी,
बोली विचारों की।
जानवर भी तो जीते हैं,
अपनी जिंदगी।


– मनीषा कुमारी

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Dairy Musings poetry

तुम अभी आए भी नहीं….

इंतज़ार करते करते
इंतजार फीका पड़ गया।
किसी को हमारा प्यार
तीखा पड़ गया।

तुम्हें खुश करते-करते
हम दुखी हो जाते हैं
तुम अभी आए भी नहीं
और हम तुम्हारे सपने सजाते हैं।

खुद को अच्छा करते करते
बुरे रास्ते पर चले जाते हैं
तुम अभी आए भी नहीं
हम तुम्हारा मिजाज़ सुधारना चाहते हैं।

तुम्हारी फिक्र करते करते
हम खुद को भूल जाते हैं
तुम अभी आए भी नहीं
की हम तुम्हें खुश करना चाहते हैं।

कोई नाराज़ है हमसे
हम उन्हें मनाना चाहते हैं,
तुम अभी आए भी नहीं
और हम तुम्हारी नाराजगी दूर करना चाहते हैं।

                – मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

आदत है हमारी

आपको साथ लेकर चलना,
जिम्मेदारी है हमारी।
आपका साथ देना,
जिम्मेदारी है हमारी।
कोई क्यों पूछे,
मतलब साथ रहने का…
एक दूसरे का ख्याल रखना
आदत है हमारी।

– मनीषा कुमारी

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Friendship Motivational Musings poetry

पूरी बात तक नहीं करते

बरसों का याराना,
यूँ ही तोड़ देते हैं लोग।
न इन्हें दर्द होता है,
न इन्हें फर्क पड़ता है
समय से बाँध देते हैं
सबंध को ये लोग
बंद हो जाते हैं इनके मुँह
पूरी बात तक नहीं करते,
लगता है, खत्म हुआ मतलब हमसे,प
इसलिए अब मुँह फेर लिया करते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

दिल का परिंदा

परिंदों सा दिल
गया है मिल
जा कर कहीं, फूलों में खिल।

देखने को मुड़ा कोई,
कहानी बनी नई,
दिल में हल चल हुई कोई नई

जा कर देखा, है किताबों की लड़ी,
दिल में एक खुशी सी उमड़ी,
सारी खुशियाँ हो जैसे, उसी में जड़ी।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

छोटी छोटी बातों को

यूँ छोटी छोटी बातों को हम,
क्यों पकड़ा करते है।
हर बात को क्यों खींचा करते हैं,
रोज़ रात को सोंचते हैं
हम सिर्फ सोंचा ही करते हैं।
खुद को संभालना भी,
बहुत मुश्किल काम है।
हम खुद को रोज़ बनाया करते हैं,
रोज़ एक नई सोंच से हम
गुजरा करते हैं।
जाने क्यों हम,
छोटी छोटी बातों को
हम पकड़ा करते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Musings poetry

रिश्ता तिख्खा नहीं करना चाहिए…

बैठी तो रहती नहीं
और आपसे कुछ कहती नहीं…
बात छोटी सी है
हम आपको जानते नहीं….
इसलिए आपके बारे में,
कुछ कहते नहीं
कुछ पल रहना हो जहाँ,
वहाँ खुशियाँ फैलानी चाहिए।
तीख्खे वचनों से,
रिश्ता तिख्खा नहीं करना चाहिए।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

क्या करें….

क्या करें
बहुत बड़ी बात है,
छोटा सा डर है
लेकिन लगता डर का महल है।
लोगों के लिए
ये छोटी सी बात है।
कैसे बता दें
इस डर का कारण
जब खुद को ही
याद नहीं
इस डर की वजह
बस शुरुआत हुई थी
और अब तक चल रही।
ये सिल सिला ज़रूर,
कभी न कभी तो
खत्म होगा।
बस हिम्मत बहुत
जुटानी पड़ती है।
क्या करें,
बहुत बड़ी बात है।
छोटा सा डर है,
लेकिन लगता डर का महल है।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

हम कामचोर नहीं….

करना बहुत कुछ है,
बस मन नहीं करता।
वक्त तो बहुत है,
लेकिन कुछ समझ नहीं आता।
तुम हम पर दोष लगाते हो,
लेकिन कभी तुमने भी तो,
कभी हमारे कर्म को नहीं देखा।
हमने जो भी किया,
तुमने कभी ध्यान नहीं दिया।
मेहनत रख दी तुम्हारे सामने,
और तुमने हमेशा नज़र अंदाज़ किया।
सही को तुमने जब गलत कहा,
हमने वो भी मान लिया।
हम आलसी नहीं,
बस खुद से ही नाराज़ हैं।
कामचोर नहीं हम तो
खुद में परेशान हैं।

– मनीषा कुमारी