Categories
Motivational

कला

ये कला है,

ये चित्रकला है,

ये ज्वाला है।

इसे दबाओ मत,

निचोड़ो मत,

क्योंकि हर कला में

भगवान का ही बसेरा है।

ये गीत – संगीत,

ये खेल – कूद,

ये कला के ही रूप है।

घटता है कला का मान आजकल,

कम है कला की पहचान आजकल।

बीत रहा जीवन व्यर्थ है,

कदर करलो अभी भी वक्त है।

– मनीषा कुमारी

#Hindipoetry #poetry #writersofimstagram #writers #writersofindia

By Manisha

writing gives power to me