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This is my first post 

Hello, this is my first post and I joined it to improve my writing skills and become a good writer. I hope you all help me too.

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Motivational Musings poetry

दिल का परिंदा

परिंदों सा दिल
गया है मिल
जा कर कहीं, फूलों में खिल।

देखने को मुड़ा कोई,
कहानी बनी नई,
दिल में हल चल हुई कोई नई

जा कर देखा, है किताबों की लड़ी,
दिल में एक खुशी सी उमड़ी,
सारी खुशियाँ हो जैसे, उसी में जड़ी।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

छोटी छोटी बातों को

यूँ छोटी छोटी बातों को हम,
क्यों पकड़ा करते है।
हर बात को क्यों खींचा करते हैं,
रोज़ रात को सोंचते हैं
हम सिर्फ सोंचा ही करते हैं।
खुद संभालना भी,
बहुत मुश्किल काम है।
हम खुद को रोज़ बनाया करते हैं,
रोज़ एक नई सोंच से हम
गुजरा करते हैं।
जाने क्यों हम,
छोटी छोटी बातों को
हम पकड़ा करते हैं।

– मनीषा कुमारी

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Musings poetry

रिश्ता तिख्खा नहीं करना चाहिए…

बैठी तो रहती नहीं
और आपसे कुछ कहती नहीं…
बात छोटी सी है
हम आपको जानते नहीं….
इसलिए आपके बारे में,
कुछ कहते नहीं
कुछ पल रहना हो जहाँ,
वहाँ खुशियाँ फैलानी चाहिए।
तीख्खे वचनों से,
रिश्ता तिख्खा नहीं करना चाहिए।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

कभी सोंचा न था…

कभी सोंचा न था
चूड़ियों संग,
जिंदगी बितानी पड़ेगी।
कभी गहनों के साथ ही,
हर वक्त चलना पड़ेगा।
मांग में सिंदूर भर,
सजना पड़ेगा।
कुवाँरी से अब,
शादी शुदा कहलाऊंगी।
एक घर छोड़,
अब दूसरे घर में जाऊंगी।
पायल की छनकार संग,
हर घर में घुमुंगी।
सूट छोड़,
अब साड़ी में चलना सीखूंगी।
अपने आपको हर पल,
थोड़ा थोड़ा बदलूँगी।
कभी सोंचा न था,
की ये भी जिंदगी,
मैं जीऊँगी….

मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

कुछ कहना सुनना…

कुछ भी कहना,
कुछ भी सुनना,
कुछ भी समझना,
फिर बताना।
लोगों का समझना,
फिर समझाना।
अब बस यही,
जिंदगी लगती है।
कभी हँसना
कभी मुस्कुराना,
कभी रोना,
कभी रुला देना।
दुनिया को छोड़,
खुद में मस्त रहना।
अब बस यही,
जिंदगी लगती है।

मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

उजाला

नेट की ज़रूरत बहुत है मगर,
इस्तेमाल भी कम करती हूँ।
देखा है जिंदगी को पलटते
दूसरों की,
लेकिन न जाने
हमारी जिंदगी कब पलटेगी।
भागते हैं जिस लक्ष्य के पीछे,
न जाने वो लक्ष्य
कब पूरा होगा।
किसी दिन चमकेगा हमारा भी सितारा,
हम भी कुछ करेंगे ऐसा।
जिंदगी कितनी मुश्किल है,
लेकिन फिर कोशिश ज़ारी रहेगी।
तूफ़ान की रात भले अंधेरी रहेगी,
लेकिन उजाला हमेशा।
खुशनुमा रहेगा।

मनीषा कुमारी

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बारिश की बौछार

बारिश की बौछार,
अच्छी बहुत लगती है।
कुछ समय की हो,
तो थोड़ी अच्छी लगती है।
ज़्यादा समय तक हो,
तो बहुत ज़्यादा अच्छी लगती है।
लेकिन हर वक्त हर दिन हो
तो खलती है बारिश |

मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

बातों का राज़

कोई कितना भी छुपा के
कुछ बताये की
“हम तुम्हारे बारे में ऐसा नहीं सोंचते”
लेकिन चेहरे पे वो बात
और बातों – बातों राज़
निकल ही जाता है।

मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

क्या करें….

क्या करें
बहुत बड़ी बात है,
छोटा सा डर है
लेकिन लगता डर का महल है।
लोगों के लिए
ये छोटी सी बात है।
कैसे बता दें
इस डर का कारण
जब खुद को ही
याद नहीं
इस डर की वजह
बस शुरुआत हुई थी
और अब तक चल रही।
ये सिल सिला ज़रूर,
कभी न कभी तो
खत्म होगा।
बस हिम्मत बहुत
जुटानी पड़ती है।
क्या करें,
बहुत बड़ी बात है।
छोटा सा डर है,
लेकिन लगता डर का महल है।

– मनीषा कुमारी

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प्रेम, मोह, लोभ

प्रेम, मोह, लोभ
हमेशा खुदसे आता है।
न तो किसी के
बुलाने से आता है।
न तो किसी के समझाने से आता है।
जब जो होना होता है,
वो हो जाता है।
कभी जल्दी
कभी देर से होता है।
ये सब हमेशा खुदसे आता है…..

– मनीषा कुमारी