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This is my first post 

Hello, this is my first post and I joined it to improve my writing skills and become a good writer. I hope you all help me too.

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Dairy poetry

चाँद और तारे

तारा नाराज़ है चाँद से
और चाँद नाराज़ है तारे से
रोशनी दोनों की अपनी नहीं
फिर भी परेशान हैं एक दूसरे से।
चाँद और तारे दोनों
एक साथ होते पूरे।
जो दोनों साथ न होते तो
आसमान की खूबसूरती निचोड़े।

                    – मनीषा कुमारी

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Dairy Musings poetry

तुम अभी आए भी नहीं….

इंतज़ार करते करते
इंतजार फीका पड़ गया।
किसी को हमारा प्यार
तीखा पड़ गया।

तुम्हें खुश करते-करते
हम दुखी हो जाते हैं
तुम अभी आए भी नहीं
और हम तुम्हारे सपने सजाते हैं।

खुद को अच्छा करते करते
बुरे रास्ते पर चले जाते हैं
तुम अभी आए भी नहीं
हम तुम्हारा मिजाज़ सुधारना चाहते हैं।

तुम्हारी फिक्र करते करते
हम खुद को भूल जाते हैं
तुम अभी आए भी नहीं
की हम तुम्हें खुश करना चाहते हैं।

कोई नाराज़ है हमसे
हम उन्हें मनाना चाहते हैं,
तुम अभी आए भी नहीं
और हम तुम्हारी नाराजगी दूर करना चाहते हैं।

                – मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

यादें बचपन की

यादें बचपन की

डाँट, लाढ़ और दुलार
सब मिलता था,
नाना – नानी के घर जाने की,
अंदर से झिज्ञासा खूब होती थी।
मेले का नाम सुन,
नए खिलोने याद आते थे।
दादी नानी की कहानियों में
हर वक्त,
खोए रहने का जी करता था।
बारिश में नहाना,
झूला झूलना,
वो लकड़ी के खिलोने से खेलना
चेहरे पर करोड़ों की खुशी ला देता था।
खुदसे ही खेल बनाते थे,
जब खेल नहीं मिलते थे।
वो बचपन की यादों में,
मीठी सी मुस्कान आ जाती है।
दुसरे की खुशी में,
खुद की खुशी नज़र आती थी।
बोले से चेहरे के साथ
सारी दुनिया अच्छी लगती थी।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

हिम्मत, होंसला, होशयारी…

हिम्मत, होंसला, होशियारी
सब फिरती हैं मारी मारी
बस कुछ क्षण की है देरी
दुर्बुद्धि करती है दुश्मनी
हिम्मत होंसला होशियारी
सबको मारती बारी – बारी
छोटी सी चिंगारी से
जलाती है पूरी बारी।
हिम्मत होंसला होशियारी
हैं एक दूसरे की साथी
जब साथ हैं आती
पूरा जीवन है संभाल लेती।

               – मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

कठिन है रास्ता मगर……

कठिन है रास्ता
मगर, हम ढूंढ ही लेंगे
जिंदगी के हर मोड़ को
आसानी से हम
मोड़ ही देंगे
अपनी सोंच से
अपनी दुनिया ही बदल देंगे।
एक दिन हम अपना ही
इतिहास रच देंगे
जीवन जीने को
हम नया रुख देंगे।

– मनीषा कुमारी

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Motivational Musings poetry

आदत है हमारी

आपको साथ लेकर चलना,
जिम्मेदारी है हमारी।
आपका साथ देना,
जिम्मेदारी है हमारी।
कोई क्यों पूछे,
मतलब साथ रहने का…
एक दूसरे का ख्याल रखना
आदत है हमारी।

– मनीषा कुमारी

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Dairy Motivational poetry

परेशानियाँ नहीं थी वजह….

परेशानियाँ नहीं थी वजह,
लिखने की।
लेकिन श्रेय,
परेशानियों को देती रही।
ढूंढ – ढूंढ के परेशान होती रही,
परेशानियों को।
कला खुद में थी,
और भटकती रही,
दुख की गलियों में।
चार साल में अब समझी,
की भावनाएँ दिल का खिलौना है।
जब चाहे जैसे चाहे
भावों को डालो।
चाहो तो हर पल खुश रहलो
और चाहो तो,
हर वक्त दुख के सागर में डुबो।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

बादलों की रौनक

आँखों में सपने हज़ार लेकर,
चले हैं कई विचार लेकर।
रौनक है हर जगह बादलों की
हम चले हैं,
बादलों को साथ लेकर
रास्तों पर बिजलियाँ गिरा कर,
चले हैं हम,
रास्ते बनाकर।
बादलों की रौनक
साथ लेकर।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

कभी मुँह फेरते, कभी गले लगाते….

चार चीजें जिंदगी की
हर जीवन में है,
आती जाती
खुशी, गम, प्यार और नफरत।

खुशी और गम गुरु हैं,
जिंदगी के पाठशाला की
प्यार और नफरत
तो हैं सार जिंदगी की।

ज़्यादा हो जाये,
तो जिंदगी बुरी है।
मध्यम हो,
तो मीठी है जिंदगी।

बस ये चार शब्द
हर किसी को हैं घेरते,
कभी मुँह फेरते,
कभी गले  लगाते।

आते जाते हर रास्ते।
परीक्षा लेते हर तरह के
कभी मुश्किल में डालते
कभी आगे बढ़ाते।

दिखाते हैं हर रास्ते
बस ये चार शब्द
कभी मुँह फेरते
कभी गले लगाते।

– मनीषा कुमारी

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Motivational poetry

जीने की उम्मीद में…

जीने की उम्मीद में
जीते हैं सभी
सीखने के उम्मीद में
सीखते हैं सभी
फूल हर वक्त खिलता नहीं
कम भोजन से मुरझाते हैं सभी
जैसे बच्चा
कुछ देर खेलते ही थक है जाता
मनोदशा का भी
कुछ ऐसा है रिश्ता
जैसे बातों की गोद में
खेलता बच्चा।

– मनीषा कुमारी